Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- تَرَبَّصُوا: प्रतीक्षा करो, ठहरो, मेरी मृत्यु की राह देखो।
- مِنَ الْمُتَرَبِّصِينَ: प्रतीक्षा करने वालों में से।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! जब ये मुशरिकीन आपसे कहते हैं कि आप एक शायर हैं और हम आपकी मृत्यु की प्रतीक्षा कर रहे हैं, तो आप उन्हें जवाब दें: "अच्छा, तो तुम मेरी मृत्यु की प्रतीक्षा करो, मैं भी तुम्हारे साथ प्रतीक्षा करने वालों में से हूँ — लेकिन मैं तुम्हारे लिए अल्लाह के अज़ाब की प्रतीक्षा कर रहा हूँ।" यह एक गंभीर चेतावनी है जो अविश्वासियों को संबोधित है।
इस आयत में अल्लाह तआला अपने नबी को सिखा रहे हैं कि जब काफ़िर लोग आपके बारे में बुरी बातें कहें या आपके खिलाफ साजिशें रचें, तो आप उनसे न डरें और न ही उनके साथ झगड़ें, बल्कि उन्हें बता दें कि हम दोनों प्रतीक्षा कर रहे हैं — तुम मेरी मौत की प्रतीक्षा करो, और मैं तुम्हारे लिए अल्लाह की ओर से आने वाली सज़ा की प्रतीक्षा करता हूँ। फिर देख लेना कि किसकी प्रतीक्षा सच्ची निकलती है और किसका अंजाम बेहतर होता है।
यह वास्तव में एक ऐतिहासिक घटना थी — बद्र के दिन इन्हीं मुशरिकीन को तलवार का अज़ाब दिया गया, जब वे मुसलमानों से युद्ध में पराजित हुए और उनके सरदार मारे गए। इस प्रकार अल्लाह ने अपने नबी की प्रतीक्षा को सच्चा साबित कर दिया और काफ़िरों की प्रतीक्षा को झूठा।
इस आयत से हमें यह शिक्षा मिलती है कि सच्चाई पर क़ायम रहने वालों को कभी निराश नहीं होना चाहिए। चाहे दुश्मन कितनी भी धमकियाँ दें या बुरी योजनाएँ बनाएँ, अल्लाह अपने नेक बंदों की मदद करता है और उनके दुश्मनों को नीचा दिखाता है। एक मोमिन को चाहिए कि वह अल्लाह पर भरोसा रखे और यक़ीन रखे कि अल्लाह की मदद ज़रूर आएगी, चाहे देर से ही सही। यह आयत हमें सिखाती है कि जब हम सच्चाई पर हों, तो हमें अपने विरोधियों से डरना नहीं चाहिए, बल्कि उन्हें यह बताना चाहिए कि अंजाम तो अल्लाह के हाथ में है — और वही सबसे अच्छा फैसला करने वाला है।
📜 आयत 29-33 — सूरा अत-तूर
अनुवाद — अत-तूर 31
सूरा अत-तूर आयत 31 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तुम कह दो कि (अच्छा) तुम भी इन्तेज़ार करो मैं…सूरा आयत 31/49 — सूरा अत-तूर الطور (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अत-तूर सुनें, सूरा अत-तूर अनुवाद, सूरा अत-तूर mp3, सूरा अत-तूर pdf. आयत 29–33. हिंदी अर्थ: اردو.
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Thursday, October 1, 2026
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