अन-नज्म · 33/62
अनुवाद उच्चारण — अन-नज्म
أَفَرَأَيْتَ الَّذِي تَوَلَّىٰ ۝٣٣
Afara`ayatal lazee tawallaa
📖 हिंदी अर्थ
भला (ऐ रसूल) तुमने उस शख़्श को भी देखा जिसने रदगिरदानी की

🎧 सुनें
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • تَوَلَّىٰ: मुँह मोड़ लिया, पीठ फेर ली, अर्थात ईमान और आज्ञाकारिता से विमुख हो गया।

व्याख्या:

ऐ नबी! क्या आपने उस व्यक्ति की दयनीय स्थिति पर ग़ौर किया जो ईमान लाने के करीब पहुँचकर भी पीछे हट गया और अल्लाह की आज्ञा से मुँह मोड़ लिया? यह वह व्यक्ति है जिसने कुछ समय तक अल्लाह के मार्ग में अपने माल में से थोड़ा सा ख़र्च किया, फिर रुक गया और अपनी भलाई का सिलसिला बंद कर दिया। उसने सत्य को देखा, उसे समझा, लेकिन फिर भी उससे विमुख हो गया — यह उसकी नाकामी और बदबख्ती की सबसे बड़ी निशानी है।

यह आयत हमें बताती है कि ईमान का रास्ता साफ़ और सीधा है, लेकिन कुछ लोग दुनिया के लालच या अपनी कमज़ोर नीयत की वजह से उससे दूर भागते हैं। वे सत्य को पहचानकर भी उसे छोड़ देते हैं, और यही उनका सबसे बड़ा नुक़सान है।

दावती पहलू:

यह आयत हर उस इंसान के लिए एक चेतावनी है जो हक़ को जानने के बाद भी उससे दूर भागता है। अल्लाह तआला ने हमें अक़्ल और समझ दी है ताकि हम सत्य को पहचानें और उस पर चलें। जब सत्य आपके सामने आए, तो उसे क़बूल करने में देर न करें — क्योंकि यही आपकी कामयाबी की चाबी है। अल्लाह का दरवाज़ा हर किसी के लिए खुला है, बशर्ते वह सच्चे दिल से उसकी ओर लौटे। आज ही लौट आइए, कल का इंतज़ार न कीजिए — क्योंकि पता नहीं कल किसका होगा। अल्लाह की रहमत उन लोगों के लिए है जो अपनी ग़लती का एहसास करके उसकी ओर रुजू कर लें।



📜 आयत 31-35 — अन-नज्म

31وَلِلَّهِ مَا فِي السَّمَاوَاتِ وَمَا فِي الْأَرْضِ لِيَجْزِيَ الَّذِينَ أَسَاءُوا بِمَا عَمِلُوا وَيَجْزِيَ الَّذِينَ أَحْسَنُوا بِالْحُسْنَى
और जो कुछ आसमानों में है और जो कुछ ज़मीन में है (ग़रज़ सब कुछ) ख़ुदा ही का है, ताकि जिन लोगों ने बुराई की हो उनको उनकी कारस्तानियों की सज़ा दे और जिन लोगों ने नेकी की है (उनकी नेकी की जज़ा दे)
32الَّذِينَ يَجْتَنِبُونَ كَبَائِرَ الْإِثْمِ وَالْفَوَاحِشَ إِلَّا اللَّمَمَ ۚ إِنَّ رَبَّكَ وَاسِعُ الْمَغْفِرَةِ ۚ هُوَ أَعْلَمُ بِكُمْ إِذْ أَنشَأَكُم مِّنَ الْأَرْضِ وَإِذْ أَنتُمْ أَجِنَّةٌ فِي بُطُونِ أُمَّهَاتِكُمْ ۖ فَلَا تُزَكُّوا أَنفُسَكُمْ ۖ هُوَ أَعْلَمُ بِمَنِ اتَّقَىٰ
जो सग़ीरा गुनाहों के सिवा कबीरा गुनाहों से और बेहयाई की बातों से बचे रहते हैं बेशक तुम्हारा परवरदिगार बड़ी बख्यिश वाला है वही तुमको ख़ूब जानता है जब उसने तुमको मिटटी से पैदा किया और जब तुम अपनी माँ के पेट में बच्चे थे तो (तकब्बुर) से अपने नफ्स की पाकीज़गी न जताया करो जो परहेज़गार है उसको वह ख़ूब जानता है
33أَفَرَأَيْتَ الَّذِي تَوَلَّىٰ
भला (ऐ रसूल) तुमने उस शख़्श को भी देखा जिसने रदगिरदानी की
34وَأَعْطَىٰ قَلِيلًا وَأَكْدَىٰ
और थोड़ा सा (ख़ुदा की राह में) दिया और फिर बन्द कर दिया
35أَعِندَهُ عِلْمُ الْغَيْبِ فَهُوَ يَرَىٰ
क्या उसके पास इल्मे ग़ैब है कि वह देख रहा है
अन-नज्मकुरान सूची
62आयत
मक्कीRevelation
33आयत

अनुवाद — अन-नज्म 33

सूरा अन-नज्म आयत 33 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : भला (ऐ रसूल) तुमने उस शख़्श को भी देखा जिसने…

सूरा आयत 33/62 — अन-नज्म النجم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-नज्म सुनें, अन-नज्म अनुवाद, अन-नज्म mp3, अन-नज्म pdf. आयत 31–35. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए