अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- تَوَلَّىٰ: मुँह मोड़ लिया, पीठ फेर ली, अर्थात ईमान और आज्ञाकारिता से विमुख हो गया।
व्याख्या:
ऐ नबी! क्या आपने उस व्यक्ति की दयनीय स्थिति पर ग़ौर किया जो ईमान लाने के करीब पहुँचकर भी पीछे हट गया और अल्लाह की आज्ञा से मुँह मोड़ लिया? यह वह व्यक्ति है जिसने कुछ समय तक अल्लाह के मार्ग में अपने माल में से थोड़ा सा ख़र्च किया, फिर रुक गया और अपनी भलाई का सिलसिला बंद कर दिया। उसने सत्य को देखा, उसे समझा, लेकिन फिर भी उससे विमुख हो गया — यह उसकी नाकामी और बदबख्ती की सबसे बड़ी निशानी है।
यह आयत हमें बताती है कि ईमान का रास्ता साफ़ और सीधा है, लेकिन कुछ लोग दुनिया के लालच या अपनी कमज़ोर नीयत की वजह से उससे दूर भागते हैं। वे सत्य को पहचानकर भी उसे छोड़ देते हैं, और यही उनका सबसे बड़ा नुक़सान है।
दावती पहलू:
यह आयत हर उस इंसान के लिए एक चेतावनी है जो हक़ को जानने के बाद भी उससे दूर भागता है। अल्लाह तआला ने हमें अक़्ल और समझ दी है ताकि हम सत्य को पहचानें और उस पर चलें। जब सत्य आपके सामने आए, तो उसे क़बूल करने में देर न करें — क्योंकि यही आपकी कामयाबी की चाबी है। अल्लाह का दरवाज़ा हर किसी के लिए खुला है, बशर्ते वह सच्चे दिल से उसकी ओर लौटे। आज ही लौट आइए, कल का इंतज़ार न कीजिए — क्योंकि पता नहीं कल किसका होगा। अल्लाह की रहमत उन लोगों के लिए है जो अपनी ग़लती का एहसास करके उसकी ओर रुजू कर लें।
📜 आयत 31-35 — अन-नज्म
अनुवाद — अन-नज्म 33
सूरा अन-नज्म आयत 33 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : भला (ऐ रसूल) तुमने उस शख़्श को भी देखा जिसने…सूरा आयत 33/62 — अन-नज्म النجم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-नज्म सुनें, अन-नज्म अनुवाद, अन-नज्म mp3, अन-नज्म pdf. आयत 31–35. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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