अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- وَأَعْطَىٰ: उसने दिया
- قَلِيلًا: थोड़ा सा (माल)
- وَأَكْدَىٰ: रुक गया, कंजूसी की, देना बंद कर दिया (यह शब्द उस कुएं से लिया गया है जिसका पानी सूख जाता है)
तफसीर (व्याख्या):
यह आयत उस व्यक्ति के हाल का वर्णन कर रही है जो अल्लाह की राह से मुँह मोड़ता है और अपने नफ्स (अहंकार) की पूजा करता है। ऐसा व्यक्ति जब कभी कुछ देता भी है तो बहुत थोड़ा देता है, और फिर जल्द ही अपना हाथ रोक लेता है। उसका दिल कंजूसी और बुख़्ल (कृपणता) से भरा होता है, इसलिए उसका दिया हुआ थोड़ा सा भी खैरात उसके दिल की सख्ती को नहीं बदल पाता।
यहाँ अल्लाह तआला उस व्यक्ति की मजाल (स्थिति) बयान कर रहा है जो अपने माल में से थोड़ा सा खर्च करता है, फिर अचानक बंद कर देता है — जैसे सूखा हुआ कुआँ जिसमें से पानी निकलना बंद हो जाए। यह उसकी नीयत की कमज़ोरी और उसके ईमान की कमी को दर्शाता है। वह अल्लाह की राह में खर्च करने को एक बोझ समझता है, न कि रिज़्क़ और बरकत का ज़रिया।
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की राह में खर्च करना चाहिए, चाहे थोड़ा ही सही, लेकिन दिल खोलकर और लगातार। अल्लाह तआला उस बंदे से मुहब्बत करता है जो अपनी हैसियत के मुताबिक देता रहे, और उससे नफ़रत करता है जो देकर रुक जाए और कंजूसी करे। याद रखिए, जो अल्लाह की राह में खर्च करता है, अल्लाह उसे और देता है, और जो रोकता है, उसकी बरकत छीन ली जाती है।
इस आयत से हमें यह भी सबक मिलता है कि हमें अपने अंदर की कंजूसी को खत्म करना चाहिए और सखावत (उदारता) अपनानी चाहिए। रसूलुल्लाह ﷺ ने फ़रमाया: "सदक़ा (दान) माल को कम नहीं करता।" तो आइए, हम अपने रब की राह में खर्च करें, अपनी गुंजाइश के मुताबिक, और उस पर अड़े रहें — क्योंकि यही कामयाबी का रास्ता है।
📜 आयत 32-36 — अन-नज्म
अनुवाद — अन-नज्म 34
सूरा अन-नज्म आयत 34 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और थोड़ा सा (ख़ुदा की राह में) दिया और फिर…सूरा आयत 34/62 — अन-नज्म النجم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-नज्म सुनें, अन-नज्म अनुवाद, अन-नज्म mp3, अन-नज्म pdf. आयत 32–36. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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