अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- وَهَبْنَا: हमने (अल्लाह ने) दान किया, प्रदान किया।
- هَدَيْنَا: हमने मार्गदर्शन किया, सीधे रास्ते पर चलाया।
- مِن قَبْلُ: इससे पहले (इब्राहीम अलैहिस्सलाम से पहले)।
- ذُرِّيَّتِهِ: उसकी संतान (यहाँ नूह अलैहिस्सलाम की संतान)।
- نَجْزِي الْمُحْسِنِينَ: हम नेकी करने वालों को बदला देते हैं।
तफसीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला ने अपने प्यारे नबी इब्राहीम अलैहिस्सलाम पर बड़ा फज़ल (कृपा) किया कि उन्हें बुढ़ापे में बेटा इशाक़ अत़ा किया और फिर उनके बेटे इशाक़ से पोता याक़ूब (इसराईल) अत़ा किया। इन दोनों को भी अल्लाह ने हिदायत दी और नबुव्वत का मर्तबा दिया। यानी अल्लाह ने इब्राहीम अलैहिस्सलाम को अकेला नहीं छोड़ा, बल्कि उनकी औलाद में भी नबुव्वत जारी रखी।
इसके बाद अल्लाह तआला फ़रमाता है कि हमने इन सबसे पहले नूह अलैहिस्सलाम को हिदायत दी थी। नूह अलैहिस्सलाम को उनकी क़ौम के बीच लंबे समय तक दावत देने के बाद तूफ़ान से बचाया और उन्हें हिदायत का इमाम बनाया। फिर अल्लाह ने नूह अलैहिस्सलाम की संतान में से कई नबियों को हिदायत दी, जिनमें दाऊद, सुलैमान, अय्यूब, यूसुफ़, मूसा और हारून अलैहिमुस्सलाम शामिल हैं। ये सभी नबी अलग-अलग ज़मानों में आए और सबको अल्लाह ने सीधे रास्ते पर चलाया।
अल्लाह तआला फ़रमाता है कि जिस तरह हमने इन नबियों को उनके इहसान (नेकी) की वजह से हिदायत दी और उन्हें ऊँचे मर्तबे दिए, उसी तरह हम हर उस इंसान को बदला देते हैं जो नेकी करता है। यानी अल्लाह का यह क़ानून है कि जो लोग नेकी करते हैं, अल्लाह उन्हें हिदायत देता है और उनके दर्जे बुलंद करता है।
फ़ायदे (सबक):
- अल्लाह की कृपा का नतीजा: अल्लाह जिसे चाहता है नेक औलाद देता है और उसकी औलाद में भी हिदायत जारी रखता है। यह अल्लाह का बड़ा इनाम है।
- हिदायत अल्लाह के हाथ में है: कोई भी इंसान अपनी मेहनत से हिदायत नहीं पा सकता जब तक अल्लाह खुद उसे हिदायत न दे। इसलिए हमें अल्लाह से हिदायत की दुआ माँगनी चाहिए।
- इहसान (नेकी) का इनाम: अल्लाह नेकी करने वालों को ज़रूर बदला देता है। नेकी का मतलब सिर्फ़ इबादत नहीं, बल्कि लोगों के साथ अच्छा व्यवहार, सच्चाई, ईमानदारी और अल्लाह के बंदों के साथ भलाई भी है।
- नबियों की फ़ज़ीलत: यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह ने अपने नबियों को कितना बड़ा मर्तबा दिया है। हमें उन सब पर ईमान लाना चाहिए और उनके बताए रास्ते पर चलना चाहिए।
- उम्मीद का पैग़ाम: अगर हम नेकी करेंगे तो अल्लाह हमें भी हिदायत देगा और हमारे कामों में बरकत डालेगा। यह आयत हमें अच्छे काम करने की तरग़ीब देती है।
📜 आयत 82-86 — अल-अनआम
अनुवाद — अल-अनआम 84
सूरा अल-अनआम आयत 84 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और हमने इबराहीम को इसहाक़ वा याक़ूब (सा बेटा पोता)…सूरा आयत 84/165 — अल-अनआम الأنعام (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अनआम सुनें, अल-अनआम अनुवाद, अल-अनआम mp3, अल-अनआम pdf. आयत 82–86. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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