अल-अनआम · 84/165
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-अनआम
وَوَهَبْنَا لَهُ إِسْحَاقَ وَيَعْقُوبَ ۚ كُلًّا هَدَيْنَا ۚ وَنُوحًا هَدَيْنَا مِن قَبْلُ ۖ وَمِن ذُرِّيَّتِهِ دَاوُودَ وَسُلَيْمَانَ وَأَيُّوبَ وَيُوسُفَ وَمُوسَىٰ وَهَارُونَ ۚ وَكَذَٰلِكَ نَجْزِي الْمُحْسِنِينَ ۝٨٤
Wa wahabnaa lahoo ishaaqa wa ya`qoob; kullan hadainaa; wa Noohan hadainaa min qablu wa min zurriyyatihee Daawooda wa Sulaimaana wa Ayyooba wa Yoosufa wa Moosaa wa haaroon; wa kazaalika najzil muhsineen
📖 हिंदी अर्थ
और हमने इबराहीम को इसहाक़ वा याक़ूब (सा बेटा पोता) अता किया हमने सबकी हिदायत की और उनसे पहले नूह को (भी) हम ही ने हिदायत की और उन्हीं (इबराहीम) को औलाद से दाऊद व सुलेमान व अय्यूब व यूसुफ व मूसा व हारुन (सब की हमने हिदायत की) और नेकों कारों को हम ऐसा ही इल्म अता फरमाते हैं

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • وَهَبْنَا: हमने (अल्लाह ने) दान किया, प्रदान किया।
  • هَدَيْنَا: हमने मार्गदर्शन किया, सीधे रास्ते पर चलाया।
  • مِن قَبْلُ: इससे पहले (इब्राहीम अलैहिस्सलाम से पहले)।
  • ذُرِّيَّتِهِ: उसकी संतान (यहाँ नूह अलैहिस्सलाम की संतान)।
  • نَجْزِي الْمُحْسِنِينَ: हम नेकी करने वालों को बदला देते हैं।

तफसीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला ने अपने प्यारे नबी इब्राहीम अलैहिस्सलाम पर बड़ा फज़ल (कृपा) किया कि उन्हें बुढ़ापे में बेटा इशाक़ अत़ा किया और फिर उनके बेटे इशाक़ से पोता याक़ूब (इसराईल) अत़ा किया। इन दोनों को भी अल्लाह ने हिदायत दी और नबुव्वत का मर्तबा दिया। यानी अल्लाह ने इब्राहीम अलैहिस्सलाम को अकेला नहीं छोड़ा, बल्कि उनकी औलाद में भी नबुव्वत जारी रखी।

इसके बाद अल्लाह तआला फ़रमाता है कि हमने इन सबसे पहले नूह अलैहिस्सलाम को हिदायत दी थी। नूह अलैहिस्सलाम को उनकी क़ौम के बीच लंबे समय तक दावत देने के बाद तूफ़ान से बचाया और उन्हें हिदायत का इमाम बनाया। फिर अल्लाह ने नूह अलैहिस्सलाम की संतान में से कई नबियों को हिदायत दी, जिनमें दाऊद, सुलैमान, अय्यूब, यूसुफ़, मूसा और हारून अलैहिमुस्सलाम शामिल हैं। ये सभी नबी अलग-अलग ज़मानों में आए और सबको अल्लाह ने सीधे रास्ते पर चलाया।

अल्लाह तआला फ़रमाता है कि जिस तरह हमने इन नबियों को उनके इहसान (नेकी) की वजह से हिदायत दी और उन्हें ऊँचे मर्तबे दिए, उसी तरह हम हर उस इंसान को बदला देते हैं जो नेकी करता है। यानी अल्लाह का यह क़ानून है कि जो लोग नेकी करते हैं, अल्लाह उन्हें हिदायत देता है और उनके दर्जे बुलंद करता है।


फ़ायदे (सबक):

  1. अल्लाह की कृपा का नतीजा: अल्लाह जिसे चाहता है नेक औलाद देता है और उसकी औलाद में भी हिदायत जारी रखता है। यह अल्लाह का बड़ा इनाम है।
  2. हिदायत अल्लाह के हाथ में है: कोई भी इंसान अपनी मेहनत से हिदायत नहीं पा सकता जब तक अल्लाह खुद उसे हिदायत न दे। इसलिए हमें अल्लाह से हिदायत की दुआ माँगनी चाहिए।
  3. इहसान (नेकी) का इनाम: अल्लाह नेकी करने वालों को ज़रूर बदला देता है। नेकी का मतलब सिर्फ़ इबादत नहीं, बल्कि लोगों के साथ अच्छा व्यवहार, सच्चाई, ईमानदारी और अल्लाह के बंदों के साथ भलाई भी है।
  4. नबियों की फ़ज़ीलत: यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह ने अपने नबियों को कितना बड़ा मर्तबा दिया है। हमें उन सब पर ईमान लाना चाहिए और उनके बताए रास्ते पर चलना चाहिए।
  5. उम्मीद का पैग़ाम: अगर हम नेकी करेंगे तो अल्लाह हमें भी हिदायत देगा और हमारे कामों में बरकत डालेगा। यह आयत हमें अच्छे काम करने की तरग़ीब देती है।


📜 आयत 82-86 — सूरा अल-अनआम

82الَّذِينَ آمَنُوا وَلَمْ يَلْبِسُوا إِيمَانَهُم بِظُلْمٍ أُولَٰئِكَ لَهُمُ الْأَمْنُ وَهُم مُّهْتَدُونَ
जिन लोगों ने ईमान क़ुबूल किया और अपने ईमान को ज़ुल्म (शिर्क) से आलूदा नहीं किया उन्हीं लोगों के लिए अमन (व इतमिनान) है और यही लोग हिदायत याफ़ता हैं
83وَتِلْكَ حُجَّتُنَا آتَيْنَاهَا إِبْرَاهِيمَ عَلَىٰ قَوْمِهِ ۚ نَرْفَعُ دَرَجَاتٍ مَّن نَّشَاءُ ۗ إِنَّ رَبَّكَ حَكِيمٌ عَلِيمٌ
और ये हमारी (समझाई बुझाई) दलीलें हैं जो हमने इबराहीम को अपनी क़ौम पर (ग़ालिब आने के लिए) अता की थी हम जिसके मरतबे चाहते हैं बुलन्द करते हैं बेशक तुम्हारा परवरदिगार हिक़मत वाला बाख़बर है
84وَوَهَبْنَا لَهُ إِسْحَاقَ وَيَعْقُوبَ ۚ كُلًّا هَدَيْنَا ۚ وَنُوحًا هَدَيْنَا مِن قَبْلُ ۖ وَمِن ذُرِّيَّتِهِ دَاوُودَ وَسُلَيْمَانَ وَأَيُّوبَ وَيُوسُفَ وَمُوسَىٰ وَهَارُونَ ۚ وَكَذَٰلِكَ نَجْزِي الْمُحْسِنِينَ
और हमने इबराहीम को इसहाक़ वा याक़ूब (सा बेटा पोता) अता किया हमने सबकी हिदायत की और उनसे पहले नूह को (भी) हम ही ने हिदायत की और उन्हीं (इबराहीम) को औलाद से दाऊद व सुलेमान व अय्यूब व यूसुफ व मूसा व हारुन (सब की हमने हिदायत की) और नेकों कारों को हम ऐसा ही इल्म अता फरमाते हैं
85وَزَكَرِيَّا وَيَحْيَىٰ وَعِيسَىٰ وَإِلْيَاسَ ۖ كُلٌّ مِّنَ الصَّالِحِينَ
और ज़करिया व यहया व ईसा व इलियास (सब की हिदायत की (और ये) सब (ख़ुदा के) नेक बन्दों से हैं
86وَإِسْمَاعِيلَ وَالْيَسَعَ وَيُونُسَ وَلُوطًا ۚ وَكُلًّا فَضَّلْنَا عَلَى الْعَالَمِينَ
और इसमाइल व इलियास व युनूस व लूत (की भी हिदायत की) और सब को सारे जहाँन पर फज़ीलत अता की
अल-अनआमकुरान सूची
165आयत
मक्कीअवतरण स्थान
84आयत

अनुवाद — अल-अनआम 84

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Thursday, October 1, 2026

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