Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- يَسْتَثْنُونَ: "इस्तिस्ना" करना, यानी अपनी बात या क़सम के साथ "इंशा अल्लाह" (अगर अल्लाह ने चाहा) कहना। इस आयत में इसका अर्थ है कि वे लोग अपनी क़सम में "इंशा अल्लाह" नहीं बोल रहे थे।
तफ़सीर:
अल्लाह तआला ने इस आयत में मक्का के काफ़िरों की परीक्षा का ज़िक्र किया है, जैसे उसने बाग़ वालों (असहाबुल जन्ना) की परीक्षा ली थी। वे बाग़ वाले लोग रात में ही यह क़सम खा चुके थे कि सुबह होते ही वे अपने बाग़ के फल तोड़ लेंगे, ताकि कोई ग़रीब या मिस्कीन उनमें से कुछ न खा सके। उन्होंने अपनी इस क़सम में "इंशा अल्लाह" नहीं कहा, यानी उन्होंने अल्लाह की मर्ज़ी को अपने इरादे पर मुक़द्दम नहीं किया और पूरी तरह अपनी ताक़त और योजना पर भरोसा किया।
यह उनकी बड़ी भूल थी कि उन्होंने अल्लाह की इच्छा को भुला दिया और अपने इरादे को ही सब कुछ समझ लिया। उन्हें याद नहीं रहा कि इंसान चाहे कितनी भी तैयारी कर ले, लेकिन अल्लाह की मर्ज़ी के बिना कुछ भी नहीं हो सकता। इसी तरह मक्का के काफ़िरों ने भी अल्लाह की नेमतों को भुला दिया और अपनी ताक़त पर घमंड किया, यह नहीं सोचा कि सब कुछ अल्लाह के हाथ में है।
दीनी नसीहत:
इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि इंसान को हर काम में अल्लाह पर भरोसा रखना चाहिए और अपनी ज़ुबान से "इंशा अल्लाह" कहना नहीं भूलना चाहिए। यह सिर्फ़ एक लफ़्ज़ नहीं, बल्कि अल्लाह की रज़ा के आगे सर झुकाने का एलान है। जब इंसान "इंशा अल्लाह" कहता है, तो वह यह स्वीकार करता है कि असली मालिक अल्लाह है और उसकी मर्ज़ी के बिना कोई काम पूरा नहीं हो सकता। यही विनम्रता इंसान को अल्लाह की मेहरबानी का हक़दार बनाती है, और अल्लाह अपने बंदे की इसी अदब की वजह से उसके कामों में बरकत देता है। हमें चाहिए कि अपनी ज़िंदगी के हर मामले में — छोटे हो या बड़े — अल्लाह का ज़िक्र करें और उसी पर भरोसा रखें, क्योंकि कामयाबी सिर्फ़ अल्लाह के हाथ में है।
📜 आयत 16-20 — सूरा अल-क़लम
अनुवाद — अल-क़लम 18
सूरा अल-क़लम आयत 18 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और इन्शाअल्लाह न कहासूरा आयत 18/52 — सूरा अल-क़लम القلم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-क़लम सुनें, सूरा अल-क़लम अनुवाद, सूरा अल-क़लम mp3, सूरा अल-क़लम pdf. आयत 16–20. हिंदी अर्थ: اردو.
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Thursday, October 1, 2026
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