अल-हाक़्का · 13/52
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-हाक़्का
فَإِذَا نُفِخَ فِي الصُّورِ نَفْخَةٌ وَاحِدَةٌ ۝١٣
Fa izaa nufikha fis soori nafkhatunw waahidah
📖 हिंदी अर्थ
फिर जब सूर में एक (बार) फूँक मार दी जाएगी

M Mishary Rashid Alafasy ✓
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A Abdurrahman As-Sudais ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • الصُّور (सूर): यह एक विशेष सींग (नरसिंगा) है, जिसमें इसराफील (अलैहिस्सलाम) फूँक मारेंगे। यह क़ुरआन और हदीस में वर्णित है।
  • نَفْخَةٌ وَاحِدَةٌ (एक ही फूँक): इसका अर्थ है पहली फूँक, जो क़यामत की शुरुआत का ऐलान होगी। इसके बाद दूसरी फूँक से सब जीवित होकर उठ खड़े होंगे।

तफ़सीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला इस आयत में क़यामत के उस भयानक दृश्य का वर्णन कर रहे हैं, जब इसराफील (अलैहिस्सलाम) सूर (नरसिंगा) में फूँक मारेंगे। यह पहली फूँक होगी, जिससे पूरी दुनिया में हलचल मच जाएगी, सारे प्राणी घबरा उठेंगे, और यही वह क्षण होगा जब यह संसार समाप्त हो जाएगा। इस फूँक के बाद धरती और पहाड़ अपनी जगह से उखड़ जाएँगे, टुकड़े-टुकड़े हो जाएँगे, आसमान फट जाएगा और कमज़ोर होकर लटक जाएगा। यह वह दिन होगा जब अल्लाह की अज़मत और कुदरत के आगे हर चीज़ बेबस हो जाएगी।

यह आयत हमें याद दिलाती है कि यह दुनिया हमेशा नहीं रहेगी। एक दिन अल्लाह का हुक्म होगा और यह सब कुछ खत्म हो जाएगा। इसलिए हमें चाहिए कि हम इस दुनिया की चमक-दमक में खोकर अपने असली मक़सद को न भूलें। हमारा असली घर आख़िरत है, और वहाँ की कामयाबी के लिए हमें आज अच्छे कर्म करने होंगे। यह आयत हमें डराती भी है और समझाती भी है कि अल्लाह के सामने हर इंसान को हिसाब देना है। जो लोग इस दिन को मानते हैं और उसके लिए तैयारी करते हैं, वही सच्चे मोमिन हैं। अल्लाह हम सबको इस दिन की फ़िक्र करने और अच्छे कर्म करने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।



📜 आयत 11-15 — सूरा अल-हाक़्का

11إِنَّا لَمَّا طَغَى الْمَاءُ حَمَلْنَاكُمْ فِي الْجَارِيَةِ
जब पानी चढ़ने लगा तो हमने तुमको कशती पर सवार किया
12لِنَجْعَلَهَا لَكُمْ تَذْكِرَةً وَتَعِيَهَا أُذُنٌ وَاعِيَةٌ
ताकि हम उसे तुम्हारे लिए यादगार बनाएं और उसे याद रखने वाले कान सुनकर याद रखें
13فَإِذَا نُفِخَ فِي الصُّورِ نَفْخَةٌ وَاحِدَةٌ
फिर जब सूर में एक (बार) फूँक मार दी जाएगी
14وَحُمِلَتِ الْأَرْضُ وَالْجِبَالُ فَدُكَّتَا دَكَّةً وَاحِدَةً
और ज़मीन और पहाड़ उठाकर एक बारगी (टकरा कर) रेज़ा रेज़ा कर दिए जाएँगे तो उस रोज़ क़यामत आ ही जाएगी
15فَيَوْمَئِذٍ وَقَعَتِ الْوَاقِعَةُ
और आसमान फट जाएगा
अल-हाक़्काकुरान सूची
52आयत
मक्कीअवतरण स्थान
13आयत

अनुवाद — अल-हाक़्का 13

सूरा अल-हाक़्का आयत 13 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फिर जब सूर में एक (बार) फूँक मार दी जाएगी

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Thursday, October 1, 2026

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