Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- وَحُمِلَتِ: उठा ली जाएगी, अपनी जगह से हटा दी जाएगी।
- فَدُكَّتَا: चूर-चूर कर दी जाएंगी, पीस दी जाएंगी।
- دَكَّةً وَاحِدَةً: एक ही बार में, एक ही झटके से।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब क़यामत का दिन आएगा, तो अल्लाह तआला के हुक्म से यह पूरी क़ायनात तब्दील हो जाएगी। इस आयत में अल्लाह तआला फ़रमाता है कि उस दिन ज़मीन और पहाड़ों को उठा लिया जाएगा—यानी उन्हें उनकी जगहों से हटा दिया जाएगा—और फिर उन दोनों को एक ही बार में ऐसा कुचला जाएगा कि वे बिल्कुल चूर-चूर हो जाएँगे। यह वही दिन होगा जब यह दुनिया ख़त्म हो जाएगी और सारी मख़लूक़ात (सृष्टि) अल्लाह के सामने हाज़िर होगी।
यह दृश्य हमें बताता है कि अल्लाह की क़ुदरत (शक्ति) के आगे यह विशाल पहाड़ और यह विस्तृत ज़मीन कितनी बेबस और कमज़ोर हैं। जिस अल्लाह ने इन्हें पैदा किया, वही इन्हें मिट्टी की तरह रौंद सकता है। यह हमारे लिए एक बड़ी नसीहत है कि हम इस दुनिया के भरोसे न रहें, क्योंकि यह दुनिया कभी भी ख़त्म हो सकती है।
इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि हमें अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की इबादत और उसकी रज़ा (प्रसन्नता) के लिए बनाना चाहिए। जब हम देखते हैं कि यह विशाल ब्रह्मांड एक पल में तबाह हो सकता है, तो हमें अपने अहंकार और ग़फ़लत (लापरवाही) को छोड़कर अल्लाह की तरफ़ रुजू करना चाहिए। यह दिन हर उस शख्स के लिए रहमत का होगा जिसने दुनिया में अल्लाह के हुक्मों की पैरवी की और हर उस शख्स के लिए अफ़सोस का दिन होगा जिसने दुनिया को ही अपना सब कुछ समझ लिया।
अल्लाह तआला हमें उस दिन की तैयारी की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए, आमीन।
📜 आयत 12-16 — सूरा अल-हाक़्का
अनुवाद — अल-हाक़्का 14
सूरा अल-हाक़्का आयत 14 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और ज़मीन और पहाड़ उठाकर एक बारगी (टकरा कर) रेज़ा…सूरा आयत 14/52 — सूरा अल-हाक़्का الحاقة (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-हाक़्का सुनें, सूरा अल-हाक़्का अनुवाद, सूरा अल-हाक़्का mp3, सूरा अल-हाक़्का pdf. आयत 12–16. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-हाक़्का
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
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