अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- عِيشَةٍ: जीवन, जीविका, जीने का तरीका।
- رَّاضِيَةٍ: ऐसी जो संतुष्ट करने वाली हो, जिसमें कोई कमी न हो, पूर्ण रूप से प्रसन्न करने वाली।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब कोई व्यक्ति अपना आमालनामा दाहिने हाथ में लेता है, तो वह खुशी और उल्लास से चिल्ला उठता है: "लो, मेरा नामा पढ़ो! मुझे यकीन था कि मुझे अपने कर्मों का हिसाब देना है, इसलिए मैंने दुनिया में ईमान और नेक कर्मों का सामान इकट्ठा कर लिया था।" ऐसे लोगों के लिए अल्लाह ने ऐसा जीवन तैयार किया है जो हर प्रकार की परेशानी से पाक और हर खुशी से भरपूर है। यह वह जीवन है जिसमें न कोई दुख है, न थकान, न कोई कमी — बल्कि पूर्ण संतुष्टि और आनंद है। वे ऊँचे-ऊँचे बाग़ों में होंगे जहाँ फल उनके पहुँच के भीतर होंगे, चाहे वे खड़े हों, बैठे हों या लेटे हों। उनसे कहा जाएगा: "खाओ और पियो मज़े से, हर उस चीज़ से सुरक्षित रहते हुए जो तुम्हें नुकसान पहुँचा सके — यह उन नेक कर्मों का बदला है जो तुमने दुनिया में किए थे।"
यह वह आनंदमय जीवन है जिसकी कोई अंत नहीं, और यह अल्लाह की ओर से उसके वफादार बंदों के लिए एक महान उपहार है। जिसने दुनिया में अल्लाह की राह में अपने कर्मों को शुद्ध किया, उसे आख़िरत में ऐसी ज़िंदगी मिलेगी जो हर दर्द और हर ग़म से पाक होगी।
दावत (प्रेरणा):
यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह अपने बंदों पर कितना कृपालु है। जो लोग उस पर ईमान लाते हैं और नेक कर्म करते हैं, उनके लिए उसने ऐसा इनाम तैयार किया है जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती। यह हमारे लिए एक प्रोत्साहन है कि हम दुनिया में अल्लाह की इबादत और अच्छे कामों में लगे रहें, क्योंकि यही वह रास्ता है जो हमें उस शाश्वत सुख तक पहुँचाता है। अल्लाह ने हमें जो अवसर दिया है, उसे गंवाना नहीं चाहिए — आज का हर नेक काम कल की खुशी का ज़रिया बनेगा।
📜 आयत 19-23 — अल-हाक़्का
अनुवाद — अल-हाक़्का 21
सूरा अल-हाक़्का आयत 21 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फिर वह दिल पसन्द ऐश में होगासूरा आयत 21/52 — अल-हाक़्का الحاقة (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-हाक़्का सुनें, अल-हाक़्का अनुवाद, अल-हाक़्का mp3, अल-हाक़्का pdf. आयत 19–23. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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