अल-हाक़्का · 21/52
अनुवाद उच्चारण — अल-हाक़्का
فَهُوَ فِي عِيشَةٍ رَّاضِيَةٍ ۝٢١
Fahuwa fee `eeshatir raadiyah
📖 हिंदी अर्थ
फिर वह दिल पसन्द ऐश में होगा

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • عِيشَةٍ: जीवन, जीविका, जीने का तरीका।
  • رَّاضِيَةٍ: ऐसी जो संतुष्ट करने वाली हो, जिसमें कोई कमी न हो, पूर्ण रूप से प्रसन्न करने वाली।

तफ़सीर (व्याख्या):

जब कोई व्यक्ति अपना आमालनामा दाहिने हाथ में लेता है, तो वह खुशी और उल्लास से चिल्ला उठता है: "लो, मेरा नामा पढ़ो! मुझे यकीन था कि मुझे अपने कर्मों का हिसाब देना है, इसलिए मैंने दुनिया में ईमान और नेक कर्मों का सामान इकट्ठा कर लिया था।" ऐसे लोगों के लिए अल्लाह ने ऐसा जीवन तैयार किया है जो हर प्रकार की परेशानी से पाक और हर खुशी से भरपूर है। यह वह जीवन है जिसमें न कोई दुख है, न थकान, न कोई कमी — बल्कि पूर्ण संतुष्टि और आनंद है। वे ऊँचे-ऊँचे बाग़ों में होंगे जहाँ फल उनके पहुँच के भीतर होंगे, चाहे वे खड़े हों, बैठे हों या लेटे हों। उनसे कहा जाएगा: "खाओ और पियो मज़े से, हर उस चीज़ से सुरक्षित रहते हुए जो तुम्हें नुकसान पहुँचा सके — यह उन नेक कर्मों का बदला है जो तुमने दुनिया में किए थे।"

यह वह आनंदमय जीवन है जिसकी कोई अंत नहीं, और यह अल्लाह की ओर से उसके वफादार बंदों के लिए एक महान उपहार है। जिसने दुनिया में अल्लाह की राह में अपने कर्मों को शुद्ध किया, उसे आख़िरत में ऐसी ज़िंदगी मिलेगी जो हर दर्द और हर ग़म से पाक होगी।

दावत (प्रेरणा):

यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह अपने बंदों पर कितना कृपालु है। जो लोग उस पर ईमान लाते हैं और नेक कर्म करते हैं, उनके लिए उसने ऐसा इनाम तैयार किया है जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती। यह हमारे लिए एक प्रोत्साहन है कि हम दुनिया में अल्लाह की इबादत और अच्छे कामों में लगे रहें, क्योंकि यही वह रास्ता है जो हमें उस शाश्वत सुख तक पहुँचाता है। अल्लाह ने हमें जो अवसर दिया है, उसे गंवाना नहीं चाहिए — आज का हर नेक काम कल की खुशी का ज़रिया बनेगा।



📜 आयत 19-23 — अल-हाक़्का

19فَأَمَّا مَنْ أُوتِيَ كِتَابَهُ بِيَمِينِهِ فَيَقُولُ هَاؤُمُ اقْرَءُوا كِتَابِيَهْ
तो जिसको (उसका नामए आमाल) दाहिने हाथ में दिया जाएगा तो वह (लोगो से) कहेगा लीजिए मेरा नामए आमाल पढ़िए
20إِنِّي ظَنَنتُ أَنِّي مُلَاقٍ حِسَابِيَهْ
तो मैं तो जानता था कि मुझे मेरा हिसाब (किताब) ज़रूर मिलेगा
21فَهُوَ فِي عِيشَةٍ رَّاضِيَةٍ
फिर वह दिल पसन्द ऐश में होगा
22فِي جَنَّةٍ عَالِيَةٍ
बड़े आलीशान बाग़ में
23قُطُوفُهَا دَانِيَةٌ
जिनके फल बहुत झुके हुए क़रीब होंगे
अल-हाक़्काकुरान सूची
52आयत
मक्कीRevelation
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अनुवाद — अल-हाक़्का 21

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Tuesday, August 18, 2026

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