अल-हाक़्का · 42/52
अनुवाद उच्चारण — अल-हाक़्का
وَلَا بِقَوْلِ كَاهِنٍ ۚ قَلِيلًا مَّا تَذَكَّرُونَ ۝٤٢
Wa laa biqawli kaahin; qaleelam maa tazakkaroon
📖 हिंदी अर्थ
और न किसी काहिन की (ख्याली) बात है तुम लोग तो बहुत कम ग़ौर करते हो

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📜 आयत 40-44 — अल-हाक़्का

40إِنَّهُ لَقَوْلُ رَسُولٍ كَرِيمٍ
एक मोअज़िज़ फरिश्ते का लाया हुआ पैग़ाम है
41وَمَا هُوَ بِقَوْلِ شَاعِرٍ ۚ قَلِيلًا مَّا تُؤْمِنُونَ
और ये किसी शायर की तुक बन्दी नहीं तुम लोग तो बहुत कम ईमान लाते हो
42وَلَا بِقَوْلِ كَاهِنٍ ۚ قَلِيلًا مَّا تَذَكَّرُونَ
और न किसी काहिन की (ख्याली) बात है तुम लोग तो बहुत कम ग़ौर करते हो
43تَنزِيلٌ مِّن رَّبِّ الْعَالَمِينَ
सारे जहाँन के परवरदिगार का नाज़िल किया हुआ (क़लाम) है
44وَلَوْ تَقَوَّلَ عَلَيْنَا بَعْضَ الْأَقَاوِيلِ
अगर रसूल हमारी निस्बत कोई झूठ बात बना लाते
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अनुवाद — अल-हाक़्का 42

सूरा अल-हाक़्का आयत 42 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और न किसी काहिन की (ख्याली) बात है तुम लोग…

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Tuesday, August 18, 2026

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