Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- آتَاهُمَا (उन्हें दिया): अल्लाह ने उन दोनों को संतान प्रदान की।
- صَالِحًا (स्वस्थ/अच्छा): पूर्ण एवं स्वस्थ बच्चा।
- شُرَكَاءَ (साझीदार): अल्लाह के साथ किसी और को शामिल करना।
- فِيمَا آتَاهُمَا (जो उसने उन्हें दिया): उस संतान के संदर्भ में जो अल्लाह ने प्रदान की।
- فَتَعَالَى (वह महान है): अल्लाह हर कमी और दोष से पवित्र एवं उच्च है।
व्याख्या:
जब अल्लाह ने उन दोनों (आदम और हव्वा) को उनकी प्रार्थना के अनुसार एक स्वस्थ और अच्छी संतान प्रदान की, तो उन्होंने उस संतान के संबंध में अल्लाह के साथ साझीदार ठहराना शुरू कर दिया। उन्होंने अपने बच्चे का नाम "अब्दुल-हारिस" (हारिस का सेवक) रखा, जबकि यह नाम रखना शिर्क की एक प्रकार थी, क्योंकि वास्तविक स्वामी और पालनहार तो अकेले अल्लाह ही है। यह शिर्क केवल नाम और विशेषण तक सीमित था, न कि इबादत और रूबूबियत में शिर्क — जैसा कि विद्वानों ने स्पष्ट किया है।
इसके बाद अल्लाह ने घोषणा की कि वह हर उस चीज़ से पवित्र और महान है जो लोग उसके साथ साझीदार ठहराते हैं। यहाँ से वर्णन आदम और हव्वा से हटकर सामान्य रूप से उन सभी लोगों की ओर मुड़ जाता है जो अल्लाह के साथ किसी और को पूजते या साझीदार बनाते हैं। अल्लाह अकेला ही रचनाकार, पालनहार और पूजा के योग्य है, और वह हर प्रकार के शिर्क से परे है।
शिक्षाएँ और लाभ:
- अल्लाह की हर नेमत — चाहे वह संतान हो या अन्य कोई वरदान — उसी की ओर से है, और उसकी नेमतों में किसी को साझीदार नहीं ठहराना चाहिए।
- मुसीबत के समय अल्लाह से दुआ करना और फिर नेमत मिलने पर उसे भूल जाना या उसमें शिर्क करना बड़ी नाइंशुक्री है।
- नाम रखने में भी तौहीद का ध्यान रखना चाहिए — ऐसे नामों से बचना चाहिए जिनमें अल्लाह के अलावा किसी और की तरफ इशारा हो।
- अल्लाह हर उस चीज़ से पाक है जो लोग उसके साथ जोड़ते हैं; वह अकेला ही इबादत के योग्य है।
- यह आयत हमें सिखाती है कि शिर्क सिर्फ मूर्ति पूजा तक सीमित नहीं, बल्कि नाम, विश्वास और कार्यों में भी अल्लाह के साथ किसी को शामिल करना शिर्क है।
📜 आयत 188-192 — सूरा अल-आराफ
अनुवाद — अल-आराफ 190
सूरा अल-आराफ आयत 190 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फिर जब ख़ुदा ने उनको नेक (फरज़न्द) अता फ़रमा दिया…सूरा आयत 190/206 — सूरा अल-आराफ الأعراف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-आराफ सुनें, सूरा अल-आराफ अनुवाद, सूरा अल-आराफ mp3, सूरा अल-आराफ pdf. आयत 188–192. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
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