अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- أَيُشْرِكُونَ: क्या वे साझीदार बनाते हैं?
- مَا لَا يَخْلُقُ شَيْئًا: जो किसी चीज़ को पैदा नहीं करते।
- وَهُمْ يُخْلَقُونَ: हालाँकि वे स्वयं पैदा किए जाते हैं।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उन मुशरिकों (बहुदेववादियों) की नादानी पर प्रश्नवाचक अंदाज़ में कड़ी फटकार लगाती है जो अल्लाह के साथ दूसरों को पूजा में साझीदार बनाते हैं। अल्लाह तआला फ़रमाता है: क्या ये लोग ऐसी चीज़ों को अल्लाह का साझीदार ठहराते हैं जो किसी भी चीज़ को पैदा करने की शक्ति ही नहीं रखतीं? न तो वे किसी को जीवन दे सकते हैं, न मौत, न रिज़्क़, न कोई लाभ या हानि पहुँचा सकते हैं। बल्कि वे खुद मख़लूक़ (पैदा किए गए) हैं — चाहे वे मूर्तियाँ हों, पत्थर हों, पेड़ हों, या इबलीस और उसके अनुयायी हों। वे स्वयं अल्लाह की कुदरत से अस्तित्व में आए हैं, और उनका अस्तित्व अल्लाह की मर्ज़ी पर निर्भर है।
जब वे खुद पैदा किए गए हैं, तो वे पैदा करने वाले के साथ पूजा में कैसे साझीदार हो सकते हैं? क्या कोई मख़लूक़ अपने ख़ालिक़ (रचयिता) के बराबर हो सकता है? यह बिल्कुल असंभव और बेतुकी बात है। अगर वे थोड़ा सा भी विचार करें तो समझ जाएँ कि जो खुद मोहताज है, वह किसी की मदद कैसे कर सकता है? जो खुद पैदा है, वह किसी को पैदा कैसे कर सकता है? यही वह तर्क है जो शिर्क (बहुदेववाद) की जड़ को काट देता है।
फ़ायदे (सीख):
- यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की इबादत में किसी को साझीदार बनाना सबसे बड़ी नादानी और ज़ुल्म है, क्योंकि हर मख़लूक़ अल्लाह की मोहताज है।
- हमें अपने आस-पास की चीज़ों पर ग़ौर करना चाहिए — जो चीज़ें हम देखते हैं, वे सब पैदा की गई हैं, इसलिए वे पूजा के लायक़ नहीं हो सकतीं।
- यह आयत तौहीद (एकेश्वरवाद) की सबसे मज़बूत दलील है — जो खुद पैदा है, वह पैदा करने वाला नहीं हो सकता, और जो पैदा करने वाला नहीं, वह इबादत का हक़दार नहीं।
- इससे हमें यह सीख मिलती है कि अल्लाह की कुदरत और उसकी बनाई हुई चीज़ों पर विचार करने से इंसान सीधे रास्ते पर आ सकता है और शिर्क जैसी बुराई से बच सकता है।
- यह आयत हमें अल्लाह की महानता का एहसास कराती है — वही अकेला ख़ालिक़ है, और उसकी इबादत ही सच्ची इबादत है, जो इंसान को शांति और कामयाबी देती है।
📜 आयत 189-193 — अल-आराफ
अनुवाद — अल-आराफ 191
सूरा अल-आराफ आयत 191 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : क्या वह लोग ख़ुदा का शरीक ऐसों को बनाते हैं…सूरा आयत 191/206 — अल-आराफ الأعراف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-आराफ सुनें, अल-आराफ अनुवाद, अल-आराफ mp3, अल-आराफ pdf. आयत 189–193. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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