अल-क़ियामा · 13/40
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-क़ियामा
يُنَبَّأُ الْإِنسَانُ يَوْمَئِذٍ بِمَا قَدَّمَ وَأَخَّرَ ۝١٣
Yunabba `ul insaanu yawma `izim bimaa qaddama wa akhkhar
📖 हिंदी अर्थ
उस दिन आदमी को जो कुछ उसके आगे पीछे किया है बता दिया जाएगा

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • يُنَبَّأُ: सूचित किया जाएगा, खबर दी जाएगी।
  • مَا قَدَّمَ: जो (कर्म) उसने आगे भेजे, अर्थात् जीवन में किए।
  • وَأَخَّرَ: और जो (कर्म) उसने पीछे छोड़े, अर्थात् जिन्हें उसने नहीं किया या जिनके प्रभाव को आगे बढ़ाया।

तफ़सीर (व्याख्या):

उस दिन — क़ियामत के दिन — इंसान को उसके समस्त कर्मों की पूरी खबर दी जाएगी। उसे बताया जाएगा कि उसने अपनी ज़िंदगी में क्या-क्या अच्छे और बुरे काम किए, और क्या-क्या काम ऐसे थे जिन्हें उसने पीछे छोड़ दिया — यानी जो अच्छे काम वह कर सकता था लेकिन नहीं किए, या जो बुरे काम उसने किए और उनके बुरे नतीजे (प्रभाव) उसके बाद भी लोगों तक पहुँचते रहे।

यह भी समझा गया है कि "जो आगे भेजा" से अल्लाह की आज्ञा का पालन (नेकियाँ) मुराद है, और "जो पीछे छोड़ा" से वह नेकियाँ जिन्हें उसने नहीं किया। एक और अर्थ यह भी है कि इंसान को उसके उन कर्मों की भी सूचना दी जाएगी जो उसने किए और उन अच्छे या बुरे रीति-रिवाजों (सुन्नतों) की भी जिन्हें उसने छोड़ा — यानी जो अच्छी या बुरी परंपरा उसने शुरू की, उसका असर उसके बाद आने वालों पर भी पड़ा, और उसे उसका पूरा फल या वज़़ाल मिलेगा।

प्यारे भाइयो और बहनो! यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह तआला का न्याय कितना सटीक और पूर्ण है। वहाँ कोई कर्म छोटा या बड़ा नहीं, जो सामने नहीं लाया जाएगा। यही वह दिन है जब इंसान अपने हर क़दम, हर बात और हर नीयत का हिसाब देगा।

इसलिए आज ही से हमें अपने कर्मों को सँवार लेना चाहिए। जो अच्छे काम हम कर सकते हैं, उन्हें पीछे न डालें — क्योंकि आज का अच्छा काम कल हमारे लिए रोशनी बनेगा। और अगर हमसे कोई बुराई हुई है, तो तौबा करके अल्लाह की ओर लौटें। याद रखें, उस दिन हम खुद अपने कर्मों को देखेंगे और हमें बताया जाएगा कि हमने क्या आगे भेजा और क्या पीछे छोड़ा। अल्लाह हमें अच्छे कर्म करने की तौफ़ीक़ दे और हमारे पीछे छोड़े गए कर्मों को हमारे लिए नेकी का ज़रिया बनाए। आमीन।



📜 आयत 11-15 — सूरा अल-क़ियामा

11كَلَّا لَا وَزَرَ
यक़ीन जानों कहीं पनाह नहीं
12إِلَىٰ رَبِّكَ يَوْمَئِذٍ الْمُسْتَقَرُّ
उस रोज़ तुम्हारे परवरदिगार ही के पास ठिकाना है
13يُنَبَّأُ الْإِنسَانُ يَوْمَئِذٍ بِمَا قَدَّمَ وَأَخَّرَ
उस दिन आदमी को जो कुछ उसके आगे पीछे किया है बता दिया जाएगा
14بَلِ الْإِنسَانُ عَلَىٰ نَفْسِهِ بَصِيرَةٌ
बल्कि इन्सान तो अपने ऊपर आप गवाह है
15وَلَوْ أَلْقَىٰ مَعَاذِيرَهُ
अगरचे वह अपने गुनाहों की उज्र व ज़रूर माज़ेरत पढ़ा करता रहे
अल-क़ियामाकुरान सूची
40आयत
मक्कीअवतरण स्थान
13आयत

अनुवाद — अल-क़ियामा 13

सूरा अल-क़ियामा आयत 13 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : उस दिन आदमी को जो कुछ उसके आगे पीछे किया…

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Monday, September 28, 2026

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