Mishary Rashid Alafasy
✓
Mahmoud Khalil Al-Husary
✓
Abdurrahman As-Sudais
✓
Mohamed Siddiq Al-Minshawi
✓
Abdul Basit Abdul Samad
✓
Ali Al-Hudhaify
✓
Ahmed ibn Ali al-Ajamy
✓
Abu Bakr Ash-Shaatree
✓
Muhammad Ayyoub
✓
Abdullah Basfar
✓
Abdullah Al-Juhani
✓
Maher Al Muaiqly
✓
अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- يَوْمَ الْفَصْلِ: वह दिन जब सभी प्राणियों के बीच अंतिम निर्णय और फैसला किया जाएगा।
- مِيقَاتًا: एक निश्चित समय, एक मुक़र्रर वक्त।
तफ़सीर:
अल्लाह तआला फ़रमाता है कि "फैसले का दिन" यानी क़ियामत का दिन, जब सारे इंसानों और जिन्नात के बीच हक़-और-बातिल का अंतिम फैसला होगा, वह एक मुक़र्रर और निश्चित समय है। यह कोई अनिश्चित या मुमकिन बात नहीं, बल्कि अल्लाह ने इसे अपनी हिकमत से एक ख़ास वक़्त पर मुक़र्रर किया है, जो न आगे बढ़ेगा और न पीछे। यह वह दिन है जब हर अच्छे और बुरे कर्म का पूरा-पूरा बदला दिया जाएगा — नेकों को उनकी नेकी का इनाम और बुरों को उनकी बुराई की सज़ा।
यह आयत हमें यक़ीन दिलाती है कि अल्लाह का वादा सच्चा है और उसका फैसला अटल है। जिस तरह दुनिया में हर काम का एक वक़्त मुक़र्रर होता है, उसी तरह अल्लाह ने इंसाफ़ के इस महान दिन के लिए भी एक समय तय कर रखा है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि हमारी ज़िंदगी बेमक़सद नहीं है — हमें अपने अमलों का हिसाब देना है। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक़ गुज़ारें, ताकि उस दिन हम कामयाब हो सकें।
यह आयत मोमिनों के लिए एक खुशखबरी है कि ज़ुल्म और नाइंसाफ़ी हमेशा नहीं रहेगी — एक दिन ज़रूर आएगा जब हर मज़लूम को इंसाफ़ मिलेगा और हर ज़ालिम को उसकी सज़ा। यह हमें अल्लाह की रहमत की तरफ़ बुलाती है कि हम उसकी इबादत करें, उसके हुक्मों पर चलें और उस दिन की तैयारी करें, क्योंकि वह दिन हमारे लिए या तो हमेशा की खुशियों का दिन होगा या हमेशा के अफ़सोस का।
📜 आयत 15-19 — सूरा अन-नबा
अनुवाद — अन-नबा 17
सूरा अन-नबा आयत 17 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : बेशक फैसले का दिन मुक़र्रर हैसूरा आयत 17/40 — सूरा अन-नबा النبأ (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अन-नबा सुनें, सूरा अन-नबा अनुवाद, सूरा अन-नबा mp3, सूरा अन-नबा pdf. आयत 15–19. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Saturday, October 3, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


