अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- أَمَاتَهُ: उसे मौत दी।
- فَأَقْبَرَهُ: उसे क़ब्र में रखवाया, यानी उसके लिए क़ब्र बनवाई और उसमें दफ़न किया।
तफ़सीर:
अल्लाह तआला ने इंसान को पैदा करने के बाद उसकी ज़िंदगी की मुद्दत मुक़र्रर की, फिर जब वह मुद्दत पूरी हो जाती है तो अल्लाह उसे मौत देता है। फिर अल्लाह का क़ानून यह है कि इंसान को क़ब्र में दफ़न किया जाए, ताकि उसका शरीर मिट्टी में मिल जाए और लोगों की नज़रों से छिप जाए। यह अल्लाह की रहमत और इंसान के साथ उसके सुलूक का एक पहलू है कि उसने इंसान को बेइज़्ज़ती से नहीं छोड़ा, बल्कि उसे क़ब्र में पनाह दी, जहाँ वह क़यामत तक आराम से रहेगा।
यह आयत हमें याद दिलाती है कि ज़िंदगी का सिलसिला यहीं ख़त्म नहीं होता। मौत के बाद क़ब्र का मरहला है, और फिर अल्लाह उसे दोबारा ज़िंदा करेगा। इसलिए हमें अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की इताअत में गुज़ारना चाहिए, क्योंकि यही ज़िंदगी हमारी आख़िरत की कामयाबी का ज़रिया है। जो शख्स अल्लाह के हुक्मों को भूलकर सिर्फ दुनिया के पीछे पड़ जाता है, वह इस हकीकत से ग़ाफिल रहता है कि उसे एक दिन मरना है और अपने किए का हिसाब देना है। अल्लाह ने इंसान को इज़्ज़त दी, उसे पैदा किया, उसकी परवरिश की, और फिर उसे मौत देकर क़ब्र में रखवाया—यह सब कुछ उसकी क़ुदरत की निशानियाँ हैं। तो क्या हमें अपने उस रब की नाफ़रमानी करनी चाहिए जिसने हमें ये सारी नेअमतें दीं? हरगिज़ नहीं। हमें चाहिए कि हम अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक बनाएँ, ताकि क़ब्र के बाद के मरहले में हमें कामयाबी मिले और अल्लाह की रहमत हमारे शामिल हाल हो। याद रखें, यह दुनिया आख़िरत की खेती है, और आज की नेक अमल ही कल की नजात का ज़रिया है।
📜 आयत 19-23 — अबस
अनुवाद — अबस 21
सूरा अबस आयत 21 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फिर उसे मौत दी फिर उसे कब्र में दफ़न करायासूरा आयत 21/42 — अबस عبس (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अबस सुनें, अबस अनुवाद, अबस mp3, अबस pdf. आयत 19–23. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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