Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- كَلَّا: हरगिज़ नहीं, ऐसा नहीं है (रोकने और झिड़कने के लिए)।
- لَمَّا يَقْضِ: उसने पूरा नहीं किया, अदा नहीं किया।
- مَا أَمَرَهُ: जो उसे आदेश दिया गया था (अल्लाह के आदेश और फ़र्ज़)।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला इंसान को झिड़कते हुए फ़रमाता है कि “हरगिज़ नहीं!” — यानी ऐसा बिल्कुल नहीं है जैसा इंसान समझता है कि उसने अपने रब का हक़ अदा कर दिया। इंसान अभी तक उस चीज़ को पूरा नहीं कर पाया जो अल्लाह ने उसे आदेश दी थी। अल्लाह ने इंसान को पैदा किया, उसे आँखें, कान, दिल, ज़ुबान जैसी नेमतें दीं, उसे राह दिखाई — फिर भी इंसान अपने फ़र्ज़ों को अदा करने में कसर छोड़ देता है। वह सोचता है कि उसने बहुत कुछ कर लिया, लेकिन हक़ीक़त यह है कि उसने अल्लाह के उन आदेशों को पूरा नहीं किया जो उस पर फ़र्ज़ थे — नमाज़, रोज़ा, ज़कात, हज, और अल्लाह की इबादत और उसकी ताअत।
यह आयत इंसान को चेतावनी देती है कि वह अपने अमल पर इतराए नहीं, बल्कि अपनी कमियों को देखे। अल्लाह ने इंसान को आज़ादी दी, लेकिन साथ ही उसे हिदायत भी दी — कि वह नेकी और परहेज़गारी का रास्ता अपनाए। मगर इंसान अक्सर अपनी नफ़्सियानी ख्वाहिशों में मशरूफ़ रहता है और उन फ़र्ज़ों को भूल जाता है जो अल्लाह ने उस पर लागू किए हैं।
यहाँ अल्लाह तआला अपने बंदों को मुतनब्बेह (सचेत) कर रहा है कि क़यामत के दिन सिर्फ़ दावे काम नहीं आएँगे, बल्कि असल चीज़ अमल है। जो इंसान आज अल्लाह के आदेशों को पूरा नहीं करता, वह कल क्या जवाब देगा? इसलिए हमें चाहिए कि हम अपनी ज़िंदगी को अल्लाह के हुक्मों के मुताबिक ढालें, उसकी इबादत को अपनी पहली तरजीह बनाएँ, और अपने रब के सामने पेश होने के लिए तैयार रहें। यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह की रहमत बहुत बड़ी है, लेकिन उसकी पकड़ भी बहुत सख्त है — इसलिए हमें अपने अमल को दुरुस्त करना चाहिए और अपने रब की तरफ़ पलटना चाहिए, क्योंकि वही है जो हमें बख्श सकता है और अपनी जन्नत में दाखिल कर सकता है।
📜 आयत 21-25 — सूरा अबस
अनुवाद — अबस 23
सूरा अबस आयत 23 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : सच तो यह है कि ख़ुदा ने जो हुक्म उसे…सूरा आयत 23/42 — सूरा अबस عبس (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अबस सुनें, सूरा अबस अनुवाद, सूरा अबस mp3, सूरा अबस pdf. आयत 21–25. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अबस
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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