अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- آتِي: आने वाला (क़ियामत के दिन)
- عَبْدًا: दास, ग़ुलाम, पूर्ण रूप से आज्ञाकारी और विनम्र
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत मुकर्रमा अल्लाह तआला की महानता और उसकी हुकूमत की व्यापकता को बयान करती है। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि आसमानों में जितने भी फ़रिश्ते हैं और ज़मीन पर जितने भी इंसान और जिन्न हैं — उनमें से कोई भी ऐसा नहीं जो क़ियामत के दिन अपने रब के सामने पूर्ण रूप से विनम्र और आज्ञाकारी दास बनकर न आएगा। हर एक को उस दिन अपनी कमज़ोरी, लाचारी और अल्लाह की अज़मत का एहसास होगा। कोई भी अपनी बड़ाई का दावा नहीं कर सकेगा, न कोई अपनी ताक़त पर घमंड कर सकेगा। सभी अपने सर झुकाए, डरे हुए और अल्लाह की रहमत के मोहताज बनकर हाज़िर होंगे।
यह आयत हमें यह सिखाती है कि अल्लाह तआला ही असली मालिक है और हम सब उसके बंदे हैं। चाहे हम कितनी भी बड़ी ताक़त, दौलत या इज़्ज़त हासिल कर लें, अंततः हमें उसी के सामने झुकना है। यह हमारे लिए एक बड़ी नसीहत है कि हम अपनी ज़िंदगी में अल्लाह की इबादत करें, उसके आगे अपने आप को विनम्र बनाएं और उसकी रहमत के तलबगार रहें। जो लोग इस दुनिया में अल्लाह की इबादत से मुँह मोड़ते हैं और अपनी सरकशी में मग्न रहते हैं, उन्हें उस दिन अपनी ग़लती का एहसास होगा, लेकिन तब पछतावा किसी काम नहीं आएगा।
इस आयत से हमें यह सबक़ मिलता है कि हम अपने रब के साथ अपने रिश्ते को मज़बूत करें। हम जितना अल्लाह के करीब होंगे, उतनी ही हमारी ज़िंदगी में सुकून और बरकत आएगी। अल्लाह तआला बड़ा रहम करने वाला है — वह चाहता है कि हम उसकी इबादत करें और उसकी रहमत के हक़दार बनें। यह आयत हमें उस दिन की याद दिलाती है जब हर इंसान अकेला अपने रब के सामने खड़ा होगा। आइए, हम अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक़ बनाएं, उसकी इबादत करें और उसकी रहमत के तलबगार रहें — ताकि उस दिन हमारा हिसाब आसान हो और हम जन्नत की नेअमतों से नवाज़े जाएं।
📜 आयत 91-95 — मरियम
अनुवाद — मरियम 93
सूरा मरियम आयत 93 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : सारे आसमान व ज़मीन में जितनी चीज़े हैं सब की…सूरा आयत 93/98 — मरियम مريم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: मरियम सुनें, मरियम अनुवाद, मरियम mp3, मरियम pdf. आयत 91–95. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, August 19, 2026
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