मरियम · 93/98
अनुवाद उच्चारण — मरियम
إِن كُلُّ مَن فِي السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضِ إِلَّا آتِي الرَّحْمَٰنِ عَبْدًا ۝٩٣
In kullu man fis samaawaati wal ardi illaaa aatir Rahmaani `abdaa
📖 हिंदी अर्थ
सारे आसमान व ज़मीन में जितनी चीज़े हैं सब की सब खुदा के सामने बन्दा ही बनकर आने वाली हैं उसने यक़ीनन सबको अपने (इल्म) के अहाते में घेर लिया है

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • آتِي: आने वाला (क़ियामत के दिन)
  • عَبْدًا: दास, ग़ुलाम, पूर्ण रूप से आज्ञाकारी और विनम्र

तफ़सीर (व्याख्या):

यह आयत मुकर्रमा अल्लाह तआला की महानता और उसकी हुकूमत की व्यापकता को बयान करती है। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि आसमानों में जितने भी फ़रिश्ते हैं और ज़मीन पर जितने भी इंसान और जिन्न हैं — उनमें से कोई भी ऐसा नहीं जो क़ियामत के दिन अपने रब के सामने पूर्ण रूप से विनम्र और आज्ञाकारी दास बनकर न आएगा। हर एक को उस दिन अपनी कमज़ोरी, लाचारी और अल्लाह की अज़मत का एहसास होगा। कोई भी अपनी बड़ाई का दावा नहीं कर सकेगा, न कोई अपनी ताक़त पर घमंड कर सकेगा। सभी अपने सर झुकाए, डरे हुए और अल्लाह की रहमत के मोहताज बनकर हाज़िर होंगे।

यह आयत हमें यह सिखाती है कि अल्लाह तआला ही असली मालिक है और हम सब उसके बंदे हैं। चाहे हम कितनी भी बड़ी ताक़त, दौलत या इज़्ज़त हासिल कर लें, अंततः हमें उसी के सामने झुकना है। यह हमारे लिए एक बड़ी नसीहत है कि हम अपनी ज़िंदगी में अल्लाह की इबादत करें, उसके आगे अपने आप को विनम्र बनाएं और उसकी रहमत के तलबगार रहें। जो लोग इस दुनिया में अल्लाह की इबादत से मुँह मोड़ते हैं और अपनी सरकशी में मग्न रहते हैं, उन्हें उस दिन अपनी ग़लती का एहसास होगा, लेकिन तब पछतावा किसी काम नहीं आएगा।

इस आयत से हमें यह सबक़ मिलता है कि हम अपने रब के साथ अपने रिश्ते को मज़बूत करें। हम जितना अल्लाह के करीब होंगे, उतनी ही हमारी ज़िंदगी में सुकून और बरकत आएगी। अल्लाह तआला बड़ा रहम करने वाला है — वह चाहता है कि हम उसकी इबादत करें और उसकी रहमत के हक़दार बनें। यह आयत हमें उस दिन की याद दिलाती है जब हर इंसान अकेला अपने रब के सामने खड़ा होगा। आइए, हम अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक़ बनाएं, उसकी इबादत करें और उसकी रहमत के तलबगार रहें — ताकि उस दिन हमारा हिसाब आसान हो और हम जन्नत की नेअमतों से नवाज़े जाएं।



📜 आयत 91-95 — मरियम

91أَن دَعَوْا لِلرَّحْمَٰنِ وَلَدًا
इस बात से कि उन लोगों ने खुदा के लिए बेटा क़रार दिया
92وَمَا يَنبَغِي لِلرَّحْمَٰنِ أَن يَتَّخِذَ وَلَدًا
हालाँकि खुदा के लिए ये किसी तरह शायाँ ही नहीं कि वह (किसी को अपना) बेटा बना ले
93إِن كُلُّ مَن فِي السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضِ إِلَّا آتِي الرَّحْمَٰنِ عَبْدًا
सारे आसमान व ज़मीन में जितनी चीज़े हैं सब की सब खुदा के सामने बन्दा ही बनकर आने वाली हैं उसने यक़ीनन सबको अपने (इल्म) के अहाते में घेर लिया है
94لَّقَدْ أَحْصَاهُمْ وَعَدَّهُمْ عَدًّا
और सबको अच्छी तरह गिन लिया है
95وَكُلُّهُمْ آتِيهِ يَوْمَ الْقِيَامَةِ فَرْدًا
और ये सब उसके सामने क़यामत के दिन अकेले (अकेले) हाज़िर होंगे
मरियमकुरान सूची
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मक्कीRevelation
93आयत

अनुवाद — मरियम 93

सूरा मरियम आयत 93 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : सारे आसमान व ज़मीन में जितनी चीज़े हैं सब की…

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Wednesday, August 19, 2026

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