Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- لَن تَمَسَّنَا النَّارُ – हमें आग (जहन्नम) कभी नहीं छुएगी।
- أَيَّامًا مَّعْدُودَةً – गिनी-चुनी कुछ दिन (सीमित अवधि)।
- عَهْدًا – वादा, प्रतिज्ञा, अहद।
- يُخْلِفَ – वादा तोड़ना, खिलाफ करना।
- تَقُولُونَ عَلَى اللَّهِ – अल्लाह पर झूठ बोलना, अल्लाह की तरफ झूठी बातें जोड़ना।
तफसीर (व्याख्या):
यहूदियों ने बड़े घमंड और झूठ के साथ दावा किया कि "हमें आग (जहन्नम) कभी नहीं छुएगी, सिवाय कुछ गिनी-चुनी दिनों के।" उनका मतलब था कि उनके पूर्वजों ने बछड़े की पूजा की थी, उसकी सजा में वे चालीस दिन आग में रहेंगे, और फिर उन्हें हमेशा के लिए आज़ाद कर दिया जाएगा। यह उनकी अपनी मनगढ़ंत बात थी, जिसका कोई सबूत नहीं था।
अल्लाह तआला ने अपने नबी ﷺ को हुक्म दिया कि उनसे पूछें: "क्या तुमने अल्लाह से कोई वादा लिया है कि वह तुम्हें सज़ा नहीं देगा? अगर सच में ऐसा है, तो अल्लाह अपना वादा कभी नहीं तोड़ता। लेकिन यह तो सिर्फ तुम्हारा झूठ है, तुम अल्लाह पर वह बात थोपते हो जिसका तुम्हें कोई ज्ञान ही नहीं।"
यानी, अल्लाह की सज़ा से बचने का कोई रास्ता सिर्फ ईमान और अच्छे कर्मों से है, न कि किसी जाति या नस्ल के दम पर। यहूदियों का यह दावा उनके घमंड और अल्लाह की रहमत की गलत समझ से पैदा हुआ था।
दावत और नसीहत:
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह के सामने किसी को भी कोई विशेष दर्जा नहीं मिलता सिर्फ नस्ल, रंग या जाति की वजह से। नेकी और परहेज़गारी ही अल्लाह के यहाँ इज़्ज़त का ज़रिया है। हमें कभी भी अल्लाह की रहमत पर भरोसा करके गुनाहों में मग्न नहीं हो जाना चाहिए, और न ही उसकी सज़ा से निडर होना चाहिए। अल्लाह ने कुरआन में साफ़ फ़रमाया है कि जो कोई भी अच्छा काम करेगा, उसे उसका फल मिलेगा, और जो बुरा करेगा, उसे उसकी सज़ा भुगतनी पड़ेगी। इसलिए हमें अपने जीवन को अल्लाह की इताअत (आज्ञाकारिता) में बिताना चाहिए, क्योंकि अल्लाह की रहमत उन्हीं के लिए है जो उसके हुक्मों का पालन करते हैं और उसकी पनाह चाहते हैं।
📜 आयत 78-82 — सूरा अल-बकरा
अनुवाद — अल-बकरा 80
सूरा अल-बकरा आयत 80 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और कहते हैं कि गिनती के चन्द दिनों के सिवा…सूरा आयत 80/286 — सूरा अल-बकरा البقرة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-बकरा सुनें, सूरा अल-बकरा अनुवाद, सूरा अल-बकरा mp3, सूरा अल-बकरा pdf. आयत 78–82. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
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