अल-हज · 75/78
अनुवाद उच्चारण — अल-हज
اللَّهُ يَصْطَفِي مِنَ الْمَلَائِكَةِ رُسُلًا وَمِنَ النَّاسِ ۚ إِنَّ اللَّهَ سَمِيعٌ بَصِيرٌ ۝٧٥
Allahu yastafee minal malaaa`ikati Rusulanw wa minan naas; innal laaha Samee`um Baseer
📖 हिंदी अर्थ
खुदा फरिश्तों में से बाज़ को अपने एहकाम पहुँचाने के लिए मुन्तख़िब कर लेता है

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • يَصْطَفِي: चुनता है, चयन करता है।
  • رُسُلًا: संदेशवाहक (दूत)।
  • سَمِيعٌ: सब कुछ सुनने वाला।
  • بَصِيرٌ: सब कुछ देखने वाला।

तफ़सीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला अपनी असीम बुद्धि और ज्ञान के अनुसार फ़रिश्तों में से अपने संदेशवाहक चुनता है, जैसे जिब्रील (अलैहिस्सलाम) जो नबियों तक वही पहुँचाते हैं। इसी प्रकार वह इंसानों में से भी अपने रसूल चुनता है, जैसे हज़रत इब्राहीम, मूसा, ईसा और मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) — ये सभी अल्लाह के चुने हुए लोग हैं जो लोगों को सच्चाई की ओर बुलाते हैं और अल्लाह का संदेश पहुँचाते हैं।

यह चयन अल्लाह का विशेष अधिकार है, किसी और का नहीं। वह जिसे चाहता है अपनी रिसालत के लिए चुन लेता है। अल्लाह तआला अपने बंदों की हर बात सुनता है — चाहे वह ईमान वालों की दुआ हो या मुनाफ़िक़ीन और काफ़िरों की बुरी बातें। वह हर चीज़ को देखता है और अच्छी तरह जानता है कि रिसालत का कौन सा बोझ उठाने के लायक़ है। वह अपने चुने हुए रसूलों की स्थिति को उनके पैदा होने से पहले भी जानता था और उनके बाद की स्थिति भी उसे मालूम है। सारे मामले अल्लाह ही की ओर लौटते हैं।

यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह का चयन हमेशा सर्वोत्तम होता है। जिसे अल्लाह ने रिसालत के लिए चुना, वही सबसे अच्छा इंसान था। हमें चाहिए कि हम अल्लाह के चुने हुए रसूलों पर ईमान लाएँ और उनके बताए रास्ते पर चलें। यही हमारी कामयाबी है। अल्लाह ने हम पर बहुत बड़ा एहसान किया है कि हमें ऐसे रसूल दिए जिन्होंने हमें अंधकार से निकालकर प्रकाश की ओर बुलाया। हमें उनके बताए रास्ते पर चलकर अल्लाह की रहमत हासिल करनी चाहिए।



📜 आयत 73-77 — अल-हज

73يَا أَيُّهَا النَّاسُ ضُرِبَ مَثَلٌ فَاسْتَمِعُوا لَهُ ۚ إِنَّ الَّذِينَ تَدْعُونَ مِن دُونِ اللَّهِ لَن يَخْلُقُوا ذُبَابًا وَلَوِ اجْتَمَعُوا لَهُ ۖ وَإِن يَسْلُبْهُمُ الذُّبَابُ شَيْئًا لَّا يَسْتَنقِذُوهُ مِنْهُ ۚ ضَعُفَ الطَّالِبُ وَالْمَطْلُوبُ
और वह क्या बुरा ठिकाना है लोगों एक मसल बयान की जाती है तो उसे कान लगा के सुनो कि खुदा को छोड़कर जिन लोगों को तुम पुकारते हो वह लोग अगरचे सब के सब इस काम के लिए इकट्ठे भी हो जाएँ तो भी एक मक्खी तक पैदा नहीं कर सकते और कहीं मक्खी कुछ उनसे छीन ले जाए तो उससे उसको छुड़ा नहीं सकते (अजब लुत्फ है) कि माँगने वाला (आबिद) और जिससे माँग लिया (माबूद) दोनों कमज़ोर हैं
74مَا قَدَرُوا اللَّهَ حَقَّ قَدْرِهِ ۗ إِنَّ اللَّهَ لَقَوِيٌّ عَزِيزٌ
खुदा की जैसे क़द्र करनी चाहिए उन लोगों ने न की इसमें शक नहीं कि खुदा तो बड़ा ज़बरदस्त ग़ालिब है
75اللَّهُ يَصْطَفِي مِنَ الْمَلَائِكَةِ رُسُلًا وَمِنَ النَّاسِ ۚ إِنَّ اللَّهَ سَمِيعٌ بَصِيرٌ
खुदा फरिश्तों में से बाज़ को अपने एहकाम पहुँचाने के लिए मुन्तख़िब कर लेता है
76يَعْلَمُ مَا بَيْنَ أَيْدِيهِمْ وَمَا خَلْفَهُمْ ۗ وَإِلَى اللَّهِ تُرْجَعُ الْأُمُورُ
और (इसी तरह) आदमियों में से भी बेशक खुदा (सबकी) सुनता देखता है जो कुछ उनके सामने है और जो कुछ उनके पीछे (हो चुका है) (खुदा सब कुछ) जानता है
77يَا أَيُّهَا الَّذِينَ آمَنُوا ارْكَعُوا وَاسْجُدُوا وَاعْبُدُوا رَبَّكُمْ وَافْعَلُوا الْخَيْرَ لَعَلَّكُمْ تُفْلِحُونَ ۩
और तमाम उमूर की रूजू खुदा ही की तरफ होती है ऐ ईमानवालों रूकू करो और सजदे करो और अपने परवरदिगार की इबादत करो और नेकी करो
अल-हजकुरान सूची
78आयत
मदनीRevelation
75आयत

अनुवाद — अल-हज 75

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Tuesday, August 18, 2026

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