अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- هَيْهَاتَ هَيْهَاتَ – यह शब्द दूरी और असम्भवता को व्यक्त करने के लिए आता है, अर्थात "बहुत दूर है, बहुत दूर है" यानी यह बात अत्यंत असम्भव और दूर की कौड़ी है।
- لِمَا تُوعَدُونَ – उस चीज़ के लिए जिसका तुमसे वादा किया जा रहा है, अर्थात पुनर्जीवित होकर क़ब्रों से निकलने का वादा।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उन काफ़िरों के कथन को उद्धृत कर रही है जो पुनरुत्थान (आख़िरत में दोबारा जीवित होने) का मज़ाक उड़ाते थे। वे कहते थे: "बहुत दूर है, बहुत दूर है वह चीज़ जिसका तुम हमसे वादा करते हो!" उनका इशारा उस बात की ओर था कि जब हम मरकर मिट्टी और सड़ी हड्डियाँ बन जाएँगे, तो हम कैसे दोबारा ज़िंदा होकर क़ब्रों से निकलेंगे? उन्हें यह बात अत्यंत असम्भव और दूर की कल्पना लगती थी, इसलिए वे इसे हँसी-मज़ाक में उड़ाते थे।
यहाँ अल्लाह तआला उनके इसी कथन को उद्धृत कर रहा है ताकि उनकी नादानी और अक़्ल की कमी सामने आए। वे उस शक्ति को भूल गए जिसने उन्हें पहली बार पैदा किया। जो अल्लाह पहली बार पैदा कर सकता है, वह दोबारा क्यों नहीं पैदा कर सकता? क़ुरआन में कहीं और अल्लाह फ़रमाता है: "जैसे हमने पहली बार पैदा किया, हम उसे दोबारा लौटाएँगे।" (सूरतुल-अम्बिया: 104)
दावती पहलू (इस्लाम की ओर बुलाने का पहलू):
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें सिखाती है कि आख़िरत पर ईमान हर मुसलमान के ईमान का अहम हिस्सा है। जो लोग पुनरुत्थान को दूर की बात समझते हैं, वही लोग अपनी ज़िंदगी में आज़ाद होकर गुनाह करते हैं, क्योंकि उन्हें किसी हिसाब का डर नहीं होता। लेकिन जो शख्स यक़ीन रखता है कि एक दिन उसे अल्लाह के सामने खड़ा होना है और उसके हर अमल का हिसाब होगा, वह अपनी ज़िंदगी को संवारता है, नेकियाँ कमाता है और बुराइयों से बचता है।
अल्लाह तआला की क़ुदरत पर ग़ौर करो — वही अल्लाह जिसने आकाश और धरती को पैदा किया, जिसने हर ज़िंदा चीज़ को ज़िंदगी दी, क्या वह मुर्दों को दोबारा ज़िंदा नहीं कर सकता? बेशक वह हर चीज़ पर क़ादिर है। यही ईमान हमें मज़बूती देता है और हमें अच्छे अमल की तरफ़ राहनुमाई करता है। आओ, हम अपने ईमान को मज़बूत करें और उस दिन के लिए तैयारी करें जब हर इंसान अपने किए का फल पाएगा।
📜 आयत 34-38 — अल-मोमिनुन
अनुवाद — अल-मोमिनुन 36
सूरा अल-मोमिनुन आयत 36 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : बिल्कुल (अक्ल से) दूर और क़यास से बईद है (दो…सूरा आयत 36/118 — अल-मोमिनुन المؤمنون (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-मोमिनुन सुनें, अल-मोमिनुन अनुवाद, अल-मोमिनुन mp3, अल-मोमिनुन pdf. आयत 34–38. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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