अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- क़रयाह (قَرْيَةٍ): बस्ती, नगर या बसाहट। यहाँ इसका अर्थ किसी भी ऐसी बस्ती या समुदाय से है जिसे अल्लाह ने हलाक किया।
- मुन्ज़िरून (مُنذِرُونَ): डराने वाले, सावधान करने वाले, अर्थात पैग़म्बर और रसूल जो लोगों को अल्लाह के अज़ाब से डराते हैं।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला इस आयत में अपनी सुन्नत (क़ानून) बयान कर रहे हैं कि उन्होंने कभी किसी बस्ती को बिना पैग़म्बर भेजे हलाक नहीं किया। यानी जब भी किसी क़ौम पर अज़ाब आया, उससे पहले उनके पास रसूल और नबी आए, जिन्होंने उन्हें सीधा रास्ता दिखाया, अल्लाह की इबादत की दावत दी और उन्हें अज़ाब से डराया। यह अल्लाह की रहमत और अदल (न्याय) का तक़ाज़ा है कि वह किसी को बिना चेतावनी दिए सज़ा नहीं देता।
यह आयत उन लोगों के लिए बड़ी नसीहत है जो पैग़म्बरों की दावत को झुठलाते हैं। अल्लाह ने हर ज़माने में अपने रसूल भेजे, उन्होंने लोगों को खुशखबरी दी और अज़ाब से डराया। फिर भी जिन क़ौमों ने ईमान नहीं लाया, वे हलाक कर दी गईं। यह अल्लाह का क़ानून है — पहले चेतावनी, फिर अज़ाब।
इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि अल्लाह रब-उल-आलमीन बड़ा मेहरबान और इंसाफ़ करने वाला है। वह किसी पर ज़ुल्म नहीं करता। उसने हम पर भी अपना सबसे बड़ा एहसान किया कि हमारे पास आख़िरी नबी हज़रत मुहम्मद ﷺ को भेजा, जिन्होंने हमें जहन्नुम के अज़ाब से डराया और जन्नत की राह दिखाई। आज हमारे पास कुरआन और सुन्नत मौजूद है, जो हमारे लिए मुन्ज़िर (चेतावनी देने वाला) है।
इसलिए हमें चाहिए कि हम अल्लाह के इस एहसान का शुक्र अदा करें, उसकी इबादत करें, अपने नबी ﷺ की सुन्नत पर चलें, और उन लोगों की तरह न बनें जिन्होंने चेतावनी को झुठलाया और फिर पछतावे के सिवा उनके हाथ कुछ न आया। अल्लाह की रहमत के दरवाज़े अभी खुले हैं — जो भी तौबा करके उसकी तरफ़ लौटेगा, अल्लाह उसे माफ़ कर देगा और जन्नत की खुशखबरी देगा। यही सबसे बड़ी कामयाबी है।
📜 आयत 206-210 — अश-शुआरा
अनुवाद — अश-शुआरा 208
सूरा अश-शुआरा आयत 208 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और हमने किसी बस्ती को बग़ैर उसके हलाक़ नहीं किया…सूरा आयत 208/227 — अश-शुआरा الشعراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अश-शुआरा सुनें, अश-शुआरा अनुवाद, अश-शुआरा mp3, अश-शुआरा pdf. आयत 206–210. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








