अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- مَا أَغْنَى: क्या फायदा पहुँचाया, क्या काम आया।
- يُمَتَّعُونَ: वे आनंद उठाते थे, सुख-सुविधाएँ प्राप्त करते थे।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उन लोगों के बारे में है जिन्होंने सच्चाई को ठुकराया और अपनी दुनियावी खुशियों में मग्न रहे। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि जब उनका अंजाम आएगा, तो वे दुनिया में जो लंबी उम्र पाते रहे, जो आराम और सुख-सुविधाएँ उठाते रहे, वह सब कुछ उनके किसी काम न आएगा। न वह उन्हें अल्लाह के अज़ाब से बचा सकेगा, न उनकी मुश्किलें हल कर सकेगा।
दुनिया की ये नेमतें और ऐश-ओ-आराम की ज़िंदगी, जिस पर वे इतना नाज़ करते थे, जब अल्लाह का फैसला आएगा तो वह सब बेकार हो जाएगी। यानी उनका वह सारा माल-ओ-दौलत, उनकी औलाद, उनकी ताकत और उनके सुख के साधन — कुछ भी उन्हें अल्लाह की पकड़ से नहीं बचा सकते।
यह आयत हमें एक बहुत बड़ी सीख देती है कि यह दुनिया की ज़िंदगी और इसके सुख-साधन क्षणभंगुर हैं। इन पर भरोसा करके अल्लाह की नाफ़रमानी करना और उसके हुक्मों से मुँह मोड़ना सबसे बड़ी नादानी है। जो लोग सिर्फ दुनिया की चमक-दमक में खोए रहते हैं, वे भूल जाते हैं कि एक दिन उन्हें अपने किए का हिसाब देना है।
इसलिए हमें चाहिए कि हम दुनिया की नेमतों का सही इस्तेमाल करें, अल्लाह का शुक्र अदा करें, और अपनी ज़िंदगी को उसकी रज़ा के मुताबिक बनाएँ। याद रखें, अल्लाह की रहमत और उसकी मग़फिरत ही असली कामयाबी है, न कि दुनिया के अस्थायी सुख। जो लोग इस हकीकत को समझ जाएँ और अपनी ज़िंदगी को सुधार लें, वही सच्चे कामयाब हैं। अल्लाह तआला हम सबको यह समझ और अमल की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए। आमीन।
📜 आयत 205-209 — अश-शुआरा
अनुवाद — अश-शुआरा 207
सूरा अश-शुआरा आयत 207 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो जिन चीज़ों से ये लोग चैन किया करते थे…सूरा आयत 207/227 — अश-शुआरा الشعراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अश-शुआरा सुनें, अश-शुआरा अनुवाद, अश-शुआरा mp3, अश-शुआरा pdf. आयत 205–209. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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