अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- لا ضَيْرَ – कोई हानि नहीं, कोई नुक़्सान नहीं।
- مُنقَلِبُونَ – हम लौटने वाले हैं, पलटकर जाने वाले हैं।
तफ़सीर:
जब फ़िरऔन ने जादूगरों को सज़ा ए मौत की धमकी दी और कहा कि मैं तुम्हारे हाथ और पैर उल्टे काटूँगा और तुम्हें सूली पर चढ़ा दूँगा, तो उन जादूगरों ने — जिन्होंने अभी-अभी मूसा (अलैहिस्सलाम) के हाथों सत्य का चमत्कार देखा था और जिनके दिलों में ईमान की रोशनी जगमगा उठी थी — बड़े ही साहस और दृढ़ता के साथ जवाब दिया।
उन्होंने कहा: "कोई हानि नहीं!" यानी तुम जो भी सज़ा दोगे, जो भी अज़ाब दोगे, उससे हमें कोई नुक़्सान नहीं। क्योंकि यह सज़ा तो बस चंद लम्हों की है, मिटने वाली है, ख़त्म हो जाने वाली है। लेकिन जो चीज़ हमें मिली है — ईमान — वह हमेशा रहने वाली है। हमारी आँखें खुल गई हैं, हमने सत्य को पहचान लिया है।
फिर उन्होंने कहा: "हम तो अपने रब की तरफ लौटने वाले हैं।" यानी मौत के बाद हमें अपने परवरदिगार की तरफ लौटना है, और वहाँ उसकी रहमत और इनाम हमारा इंतज़ार कर रहा है। तुम्हारी सज़ा तो इसी दुनिया में ख़त्म हो जाएगी, लेकिन उसका इनाम हमेशा रहेगा। हम उस रब की तरफ लौटेंगे जो अपने बंदों पर बेहद मेहरबान है, जो सच्चे ईमान वालों को जन्नत की नेमतों से नवाज़ेगा।
यह वही लोग थे जो कुछ देर पहले फ़िरऔन के जादूगर थे और उसके दिए हुए इनामों के भूखे थे। लेकिन जब ईमान की रोशनी उनके दिलों में दाख़िल हुई, तो उन्होंने दुनिया की हर चीज़ को ठुकरा दिया। उन्होंने फ़िरऔन की धमकियों को हँसी में उड़ा दिया और सच्चाई के साथ खड़े हो गए। यही ईमान की ताक़त है — जब इंसान का दिल सच्चे रब से जुड़ जाता है, तो उसे दुनिया की कोई ताक़त डरा नहीं सकती।
इस आयत से हमें यह सीख मिलती है कि ईमान की राह में आने वाली मुश्किलें और तकलीफें चाहे कितनी भी बड़ी हों, वे अस्थायी हैं। जो चीज़ हमेशा रहने वाली है, वह है अल्लाह की रज़ा और उसका इनाम। जिसे यह यक़ीन हो जाए कि उसकी मंज़िल अल्लाह की तरफ है, उसे दुनिया की कोई सज़ा या अज़ाब हिला नहीं सकता। यही वह दृढ़ विश्वास है जो मुसलमान को हर हाल में सब्र और इस्तिक़ामत पर क़ायम रखता है।
📜 आयत 48-52 — अश-शुआरा
अनुवाद — अश-शुआरा 50
सूरा अश-शुआरा आयत 50 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : वह बोले कुछ परवाह नही हमको तो बहरहाल अपने परवरदिगार…सूरा आयत 50/227 — अश-शुआरा الشعراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अश-शुआरा सुनें, अश-शुआरा अनुवाद, अश-शुआरा mp3, अश-शुआरा pdf. आयत 48–52. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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