अश-शुआरा · 78/227
अनुवाद उच्चारण — सूरा अश-शुआरा
الَّذِي خَلَقَنِي فَهُوَ يَهْدِينِ ۝٧٨
Allazee khalaqanee fa Huwa yahdeen
📖 हिंदी अर्थ
फिर वही मेरी हिदायत करता है

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • خَلَقَنِي: मुझे पैदा किया।
  • يَهْدِينِ: मुझे मार्गदर्शन देता है, मेरी भलाई की राह दिखाता है।

तफ़सीर:

हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम अपनी क़ौम से फ़रमा रहे हैं कि जिन मूर्तियों की तुम पूजा करते हो, वे न तो कुछ सुन सकती हैं, न फ़ायदा पहुँचा सकती हैं और न नुक़सान। वे मेरे दुश्मन हैं, क्योंकि वे अल्लाह के सिवा और कुछ नहीं। मैं तो सिर्फ़ उस रब की इबादत करता हूँ जो सारे जहान का मालिक है। वही मेरा ख़ालिक़ है जिसने मुझे सबसे अच्छी सूरत में पैदा किया, और वही मेरा हादी (मार्गदर्शक) है जो मुझे दुनिया और आख़िरत की भलाई की राह दिखाता है। वह मुझे खाना-पीना देता है, बीमारी में शिफ़ा अता करता है, और वही मुझे मौत देगा और क़यामत के दिन दोबारा ज़िंदा करेगा। उसी से मैं उम्मीद रखता हूँ कि वह मेरे गुनाहों को माफ़ कर देगा।

यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह ही हमारा रब है, उसी ने हमें पैदा किया और वही हमें हर काम में सही राह दिखाता है। जब हम उस पर भरोसा करते हैं, तो वह हमें कभी अकेला नहीं छोड़ता। हमें चाहिए कि हर मुश्किल में अल्लाह से मदद माँगें और उसी की इबादत करें, क्योंकि वही सुनता है, देखता है और हमारी हर ज़रूरत को पूरा करता है। यही सच्ची कामयाबी है — अल्लाह को पहचानना और उसकी बताई हुई राह पर चलना।



📜 आयत 76-80 — सूरा अश-शुआरा

76أَنتُمْ وَآبَاؤُكُمُ الْأَقْدَمُونَ
या तुम्हारे अगले बाप दादा (करते थे) ये सब मेरे यक़ीनी दुश्मन हैं
77فَإِنَّهُمْ عَدُوٌّ لِّي إِلَّا رَبَّ الْعَالَمِينَ
मगर सारे जहाँ का पालने वाला जिसने मुझे पैदा किया (वही मेरा दोस्त है)
78الَّذِي خَلَقَنِي فَهُوَ يَهْدِينِ
फिर वही मेरी हिदायत करता है
79وَالَّذِي هُوَ يُطْعِمُنِي وَيَسْقِينِ
और वह शख्स जो मुझे (खाना) खिलाता है और मुझे (पानी) पिलाता है
80وَإِذَا مَرِضْتُ فَهُوَ يَشْفِينِ
और जब बीमार पड़ता हूँ तो वही मुझे शिफा इनायत फरमाता है
अश-शुआराकुरान सूची
227आयत
मक्कीअवतरण स्थान
78आयत

अनुवाद — अश-शुआरा 78

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Saturday, October 3, 2026

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