अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- خَلَقَنِي: मुझे पैदा किया।
- يَهْدِينِ: मुझे मार्गदर्शन देता है, मेरी भलाई की राह दिखाता है।
तफ़सीर:
हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम अपनी क़ौम से फ़रमा रहे हैं कि जिन मूर्तियों की तुम पूजा करते हो, वे न तो कुछ सुन सकती हैं, न फ़ायदा पहुँचा सकती हैं और न नुक़सान। वे मेरे दुश्मन हैं, क्योंकि वे अल्लाह के सिवा और कुछ नहीं। मैं तो सिर्फ़ उस रब की इबादत करता हूँ जो सारे जहान का मालिक है। वही मेरा ख़ालिक़ है जिसने मुझे सबसे अच्छी सूरत में पैदा किया, और वही मेरा हादी (मार्गदर्शक) है जो मुझे दुनिया और आख़िरत की भलाई की राह दिखाता है। वह मुझे खाना-पीना देता है, बीमारी में शिफ़ा अता करता है, और वही मुझे मौत देगा और क़यामत के दिन दोबारा ज़िंदा करेगा। उसी से मैं उम्मीद रखता हूँ कि वह मेरे गुनाहों को माफ़ कर देगा।
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह ही हमारा रब है, उसी ने हमें पैदा किया और वही हमें हर काम में सही राह दिखाता है। जब हम उस पर भरोसा करते हैं, तो वह हमें कभी अकेला नहीं छोड़ता। हमें चाहिए कि हर मुश्किल में अल्लाह से मदद माँगें और उसी की इबादत करें, क्योंकि वही सुनता है, देखता है और हमारी हर ज़रूरत को पूरा करता है। यही सच्ची कामयाबी है — अल्लाह को पहचानना और उसकी बताई हुई राह पर चलना।
📜 आयत 76-80 — अश-शुआरा
अनुवाद — अश-शुआरा 78
सूरा अश-शुआरा आयत 78 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फिर वही मेरी हिदायत करता हैसूरा आयत 78/227 — अश-शुआरा الشعراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अश-शुआरा सुनें, अश-शुआरा अनुवाद, अश-शुआरा mp3, अश-शुआरा pdf. आयत 76–80. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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