अश-शुआरा · 99/227
अनुवाद उच्चारण — अश-शुआरा
وَمَا أَضَلَّنَا إِلَّا الْمُجْرِمُونَ ۝٩٩
Wa maaa adallanaaa illal mujrimoon
📖 हिंदी अर्थ
और हमको बस (उन) गुनाहगारों ने (जो मुझसे पहले हुए) गुमराह किया

🎧 सुनें
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • أَضَلَّنَا: हमें पथभ्रष्ट किया, सीधे रास्ते से भटकाया।
  • الْمُجْرِمُونَ: अपराधी, गुनाहगार, जो जुर्म और पाप में डूबे हुए थे।

तफ़सीर (व्याख्या):

यह आयत उन लोगों के कथन को बयान कर रही है जो जहन्नम (नरक) में डाल दिए गए हैं। वे वहाँ अपनी गलती को स्वीकार करते हुए और अपने उन नेताओं से झगड़ते हुए कहेंगे जिन्होंने उन्हें गुमराह किया था। वे कहेंगे: "हमें सीधे रास्ते से भटकाने वाले और इस बुरे अंजाम तक पहुँचाने वाले कोई और नहीं बल्कि वे अपराधी लोग थे, जिन्होंने हमें अल्लाह के सिवा दूसरों की इबादत की दावत दी और हमने उनकी बात मान ली।"

ये अपराधी वे लोग थे जो समाज में बड़े और प्रभावशाली थे — जैसे इबलीस (शैतान), उसके साथी, और वे सरदार जिन्होंने बुराई की नींव रखी और लोगों को अल्लाह की इबादत से रोका। उन्होंने लोगों को बताया कि ये मूर्तियाँ, ये बुत, ये बड़े-बड़े लोग तुम्हारे लिए सिफ़ारिशी हैं, इनकी पूजा करो — और इस तरह उन्होंने सैकड़ों-हज़ारों लोगों को जहन्नम की तरफ धकेल दिया।

यह आयत हमारे लिए एक बहुत बड़ी सीख है। यह हमें बताती है कि इंसान को अपने दोस्तों, अपने नेताओं और अपने समाज से बहुत सावधान रहना चाहिए। जो लोग हमें अल्लाह की याद से दूर करते हैं, हमें नमाज़ से रोकते हैं, हमें हराम कामों की तरफ ले जाते हैं — वे चाहे कितने भी बड़े क्यों न हों, असल में वे हमारे सबसे बड़े दुश्मन हैं। क़यामत के दिन वे हमारे किसी काम न आएँगे, बल्कि हम उन्हें कोसेंगे और वे हमें।

इसलिए ऐ अल्लाह के बंदो! अपनी ज़िंदगी में ऐसे लोगों की संगत से बचो जो तुम्हें अल्लाह से दूर करें। सच्चे दोस्त वही हैं जो तुम्हें अल्लाह की इबादत की तरफ बुलाएँ, तुम्हें नेकी की तरफ प्रोत्साहित करें, और तुम्हें आख़िरत की याद दिलाएँ। याद रखो, जिसने तुम्हें दुनिया में अल्लाह से दूर किया, वही आख़िरत में तुम्हारा दुश्मन होगा। अल्लाह हम सबको सीधे रास्ते पर चलने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।



📜 आयत 97-101 — अश-शुआरा

97تَاللَّهِ إِن كُنَّا لَفِي ضَلَالٍ مُّبِينٍ
ख़ुदा की क़सम हम लोग तो यक़ीनन सरीही गुमराही में थे
98إِذْ نُسَوِّيكُم بِرَبِّ الْعَالَمِينَ
कि हम तुम को सारे जहाँन के पालने वाले (ख़ुदा) के बराबर समझते रहे
99وَمَا أَضَلَّنَا إِلَّا الْمُجْرِمُونَ
और हमको बस (उन) गुनाहगारों ने (जो मुझसे पहले हुए) गुमराह किया
100فَمَا لَنَا مِن شَافِعِينَ
तो अब तो न कोई (साहब) मेरी सिफारिश करने वाले हैं
101وَلَا صَدِيقٍ حَمِيمٍ
और न कोई दिलबन्द दोस्त हैं
अश-शुआराकुरान सूची
227आयत
मक्कीRevelation
99आयत

अनुवाद — अश-शुआरा 99

सूरा अश-शुआरा आयत 99 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और हमको बस (उन) गुनाहगारों ने (जो मुझसे पहले हुए)…

सूरा आयत 99/227 — अश-शुआरा الشعراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अश-शुआरा सुनें, अश-शुआरा अनुवाद, अश-शुआरा mp3, अश-शुआरा pdf. आयत 97–101. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए