अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- وَدَّتْ: उसने इच्छा की, चाहा।
- طَائِفَةٌ: एक समूह, एक गिरोह।
- لَوْ يُضِلُّونَكُمْ: काश वे तुम्हें पथभ्रष्ट कर देते।
- يَشْعُرُونَ: वे जानते हैं, महसूस करते हैं।
व्याख्या:
अहले-किताब (यहूदी और ईसाई) में से एक गिरोह ने दिल से यह तमन्ना की कि काश वे तुम मुसलमानों को तुम्हारे धर्म से भटका सकें और तुम्हें सत्य के मार्ग से हटा सकें। वे अपनी इस कोशिश में लगे रहे, लेकिन उन्हें यह समझ नहीं आया कि उनका यह प्रयास वास्तव में उनके अपने नुकसान का कारण बन रहा है। वे जिस रास्ते पर चल रहे हैं, वह उन्हें और उनके साथियों को ही गुमराही में डाल रहा है, क्योंकि सत्य को झुठलाने और दूसरों को सत्य से रोकने की साजिश करने वाला स्वयं सबसे बड़ा पथभ्रष्ट होता है। उन्हें अपने इस कुकर्म की वास्तविकता और उसके बुरे परिणाम का ज़रा भी एहसास नहीं है। वे यह नहीं जानते कि उनकी यह चाल उल्टी पड़ेगी और उन्हीं को नुकसान उठाना पड़ेगा।
लाभ और शिक्षाएँ:
- यह आयत मुसलमानों को सतर्क करती है कि दुश्मनों की साजिशों से घबराएँ नहीं, क्योंकि उनकी साजिशें अंततः उन्हीं पर भारी पड़ती हैं।
- सच्चे मोमिन को अपने धर्म पर भरोसा रखना चाहिए, क्योंकि अल्लाह अपने बंदों की हिफ़ाज़त करता है और उन्हें गुमराह होने से बचाता है।
- यह हमें सिखाती है कि बुराई की कोशिश करने वाला व्यक्ति सबसे पहले खुद को नुकसान पहुँचाता है, भले ही उसे इसका एहसास न हो।
- इस आयत में मुसलमानों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है कि अल्लाह उन्हें दुश्मनों के मक्र (चाल) से बचाए रखता है, और यह इस्लाम की सच्चाई और सुरक्षा का प्रमाण है।
- यह हमें यह भी सिखाती है कि हमें अपने दुश्मनों की चालों से सावधान रहना चाहिए, लेकिन साथ ही अल्लाह पर पूरा भरोसा रखना चाहिए, क्योंकि वही सबसे अच्छा रक्षक है।
📜 आयत 67-71 — आल-इमरान
अनुवाद — आल-इमरान 69
सूरा आल-इमरान आयत 69 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (मुसलमानो) अहले किताब से एक गिरोह ने बहुत चाहा कि…सूरा आयत 69/200 — आल-इमरान آل عمران (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: आल-इमरान सुनें, आल-इमरान अनुवाद, आल-इमरान mp3, आल-इमरान pdf. आयत 67–71. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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