Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- ازْدَادُوا كُفْرًا: कुफ्र में और बढ़ गए, यानी लगातार कुफ्र पर कायम रहे और उसमें अधिकता की।
- لَّن تُقْبَلَ تَوْبَتُهُمْ: उनकी तौबा (क्षमा-याचना) कबूल नहीं की जाएगी।
- الضَّالُّونَ: गुमराह लोग, जो सीधे रास्ते से भटक गए।
तफसीर (व्याख्या):
यह आयत उन लोगों के बारे में है जो पहले ईमान लाए, फिर कुफ्र (अविश्वास) की ओर मुड़ गए, और फिर उन्होंने अपने कुफ्र को और बढ़ाया—यानी वे लगातार अविश्वास और विद्रोह पर कायम रहे। ऐसे लोगों की तौबा उस वक्त कबूल नहीं होती जब वे मौत के सामने आ जाएं और आखिरी सांसों में तौबा करें, क्योंकि उस वक्त तौबा का समय बीत चुका होता है। यह वही हालत है जब इंसान को अपनी गलती का एहसास होता है, लेकिन वह समय तौबा के लिए नहीं रहता। ये लोग ही सच्चे गुमराह हैं, जिन्होंने सीधे रास्ते को छोड़ दिया और अपने लिए विनाश का रास्ता चुना।
यह आयत उन लोगों के बारे में भी है जिन्होंने हक (सत्य) को जानने के बाद उसे ठुकरा दिया, जैसे कि किताब वाले जिन्होंने पहले अपने नबी पर ईमान रखा, फिर दूसरे नबी (मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के आने पर उन्हें नकार दिया और कुफ्र में बढ़ते चले गए। ऐसे लोगों के लिए मौत के वक्त तौबा का दरवाजा बंद है, क्योंकि उन्होंने जानबूझकर हक को ठुकराया।
दावत और नसीहत (उपदेश):
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें एक बहुत बड़ी सीख देती है कि तौबा का दरवाजा हमेशा खुला रहता है, लेकिन उसे मौत के आने से पहले ही कर लेना चाहिए। अल्लाह तआला बड़ा मेहरबान और क्षमाशील है, वह अपने बंदों की तौबा को पसंद करता है, लेकिन जब इंसान मौत के फरिश्ते को देख ले, तब की गई तौबा कबूल नहीं होती। इसलिए आज ही, इसी पल अपने रब की ओर लौट जाओ, अपने गुनाहों से तौबा करो, और अपने ईमान को मजबूत करो। अल्लाह के रास्ते से भटकने वाले कभी सुकून नहीं पाते, जबकि ईमान और नेक अमल वालों के लिए जन्नत की खुशखबरी है। अल्लाह हम सबको सीधे रास्ते पर चलने की तौफीक दे। आमीन।
📜 आयत 88-92 — सूरा आल-इमरान
अनुवाद — आल-इमरान 90
सूरा आल-इमरान आयत 90 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जो अपने ईमान के बाद काफ़िर हो बैठे फ़िर (रोज़…सूरा आयत 90/200 — सूरा आल-इमरान آل عمران (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा आल-इमरान सुनें, सूरा आल-इमरान अनुवाद, सूरा आल-इमरान mp3, सूरा आल-इमरान pdf. आयत 88–92. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा आल-इमरान
पवित्र क़ुरआन
Sunday, October 11, 2026
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