अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فَالْتَقَمَهُ: उसे निगल लिया।
- الْحُوتُ: बड़ी मछली (व्हेल)।
- وَهُوَ مُلِيمٌ: और वह (यूनुस अलैहिस्सलाम) ऐसी स्थिति में थे कि वे स्वयं को मलामत (निंदा) के योग्य बना चुके थे, यानी अपने किए पर पश्चाताप और लज्जित थे।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब हज़रत यूनुस अलैहिस्सलाम ने अपनी क़ौम से नाराज़ होकर बिना अल्लाह की इजाज़त के उन्हें छोड़ दिया और समुद्र में सवार हुए, तो अल्लाह तआला ने उन्हें इस काम पर मलामत (निंदा) का शिकार बनाया। जहाज़ समुद्र में फंस गया और यात्रियों ने कुर्अ (قرعہ) डाला, जिसमें यूनुस अलैहिस्सलाम का नाम निकला। उन्हें समुद्र में डाल दिया गया। तभी अल्लाह के हुक्म से एक बड़ी मछली (व्हेल) ने उन्हें निगल लिया, और वह उस मछली के पेट में चले गए। उस वक्त वह ऐसी हालत में थे कि वे खुद को मलामत के काबिल समझ रहे थे, क्योंकि उन्होंने अपने रब की इजाज़त के बगैर क़ौम को छोड़ा था।
यह वाक़िया हमें सिखाता है कि अल्लाह तआला अपने नबियों को भी उनकी छोटी सी चूक पर पकड़ता है, ताकि उनका दर्जा बुलंद हो और उनके लिए माफ़ी का रास्ता खुले। यूनुस अलैहिस्सलाम ने उस अंधेरे में, मछली के पेट में, अल्लाह से दुआ की: "ला इलाहा इल्ला अन्ता सुब्हानका इन्नी कुन्तु मिनज़्ज़ालिमीन" (तू पाक है, मैं ज़ालिमों में से था)। यह दुआ उनकी नजात का ज़रिया बनी।
इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि जब इंसान अपनी गलती पर शर्मिंदा होकर अल्लाह की तरफ रुजू करता है, तो अल्लाह उसे हर मुसीबत से निकालने का रास्ता बनाता है। अल्लाह तआला अपने बंदों पर बहुत मेहरबान है, और वह चाहता है कि हम उसकी तरफ लौटें, चाहे हम कितनी भी गहरी मुसीबत में क्यों न हों। यह क़िस्सा हमारे लिए उम्मीद और तौबा का पैगाम है — कि अल्लाह की रहमत उसकी नाराज़गी से कहीं बढ़कर है, और हर अंधेरी रात के बाद सुबह ज़रूर आती है।
📜 आयत 140-144 — अस-साफ्फात
अनुवाद — अस-साफ्फात 142
सूरा अस-साफ्फात आयत 142 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो उनको एक मछली निगल गयी और यूनुस खुद (अपनी)…सूरा आयत 142/182 — अस-साफ्फात الصافات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अस-साफ्फात सुनें, अस-साफ्फात अनुवाद, अस-साफ्फात mp3, अस-साफ्फात pdf. आयत 140–144. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, August 19, 2026
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