साद · 82/88
अनुवाद उच्चारण — सूरा साद
قَالَ فَبِعِزَّتِكَ لَأُغْوِيَنَّهُمْ أَجْمَعِينَ ۝٨٢
Qaala fabi`izzatika la ughwiyannahum ajma`een
📖 हिंदी अर्थ
उनमें से तेरे ख़ालिस बन्दों के सिवा सब के सब को ज़रूर गुमराह करूँगा

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • فَبِعِزَّتِكَ: तेरी क़ुदरत और तेरे ग़लबे की क़सम
  • لَأُغْوِيَنَّهُمْ: मैं उन्हें ज़रूर गुमराह करूँगा
  • أَجْمَعِينَ: सबको, सभी को

तफ़सीर:

इब्लीस ने जब देखा कि आदम (अलैहिस्सलाम) को इज़्ज़त और बुलंदी दी गई है और उसे सजदा करने का हुक्म हुआ, तो उसने घमंड और अकड़ से सजदा करने से इनकार कर दिया। अल्लाह ने उसे अपनी रहमत से निकाल दिया और उस पर लानत भेजी। तब इब्लीस ने अल्लाह की अज़मत और क़ुदरत की क़सम खाकर कहा: "तेरी इज़्ज़त और तेरी क़ुदरत की क़सम! मैं बनी आदम को ज़रूर गुमराह करूँगा। मैं उन्हें तेरी राह से भटकाऊँगा, उन्हें तेरी इबादत से रोकूँगा और उन्हें गुनाहों की तरफ खींचूँगा।"

यह इब्लीस की उस दुश्मनी का इज़हार था जो उसने इंसान से क़ियामत तक के लिए ठान ली थी। वह अल्लाह की क़ुदरत की क़सम खाकर अपने इरादे की पक्की बात कर रहा था, लेकिन वह यह भूल गया कि अल्लाह की क़ुदरत उसकी क़ुदरत से कहीं बड़ी है। अल्लाह जिसे चाहता है हिफ़ाज़त करता है और कोई उसे गुमराह नहीं कर सकता।

इस आयत में हमारे लिए बड़ी सीख है कि शैतान हमारा खुला दुश्मन है और उसने अल्लाह की क़सम खाकर हमें गुमराह करने का अहद किया है। इसलिए हमें उसके धोखों से बचकर रहना चाहिए। अल्लाह से दुआ करनी चाहिए कि वह हमें शैतान के वसवसों से महफ़ूज़ रखे। जो लोग अल्लाह की रस्सी को मज़बूती से पकड़ते हैं और उसकी इबादत में मशगूल रहते हैं, अल्लाह उन्हें शैतान के शर से बचाता है। शैतान का वसवसा उन पर हावी नहीं होता जो अल्लाह पर भरोसा रखते हैं और उसकी याद में दिल को जोड़ते हैं। याद रखिए, शैतान की ताक़त सिर्फ़ उन्हीं पर चलती है जो अल्लाह से दूर हो जाते हैं, लेकिन जो अल्लाह के करीब रहते हैं, उन पर शैतान का कोई ज़ोर नहीं चलता।



📜 आयत 80-84 — सूरा साद

80قَالَ فَإِنَّكَ مِنَ الْمُنظَرِينَ
फरमाया तुझे एक वक्त मुअय्यन के दिन तक की मोहलत दी गयी
81إِلَىٰ يَوْمِ الْوَقْتِ الْمَعْلُومِ
वह बोला तेरी ही इज्ज़त व जलाल की क़सम
82قَالَ فَبِعِزَّتِكَ لَأُغْوِيَنَّهُمْ أَجْمَعِينَ
उनमें से तेरे ख़ालिस बन्दों के सिवा सब के सब को ज़रूर गुमराह करूँगा
83إِلَّا عِبَادَكَ مِنْهُمُ الْمُخْلَصِينَ
खुदा ने फरमाया तो (हम भी) हक़ बात (कहे देते हैं)
84قَالَ فَالْحَقُّ وَالْحَقَّ أَقُولُ
और मैं तो हक़ ही कहा करता हूँ
सादकुरान सूची
88आयत
मक्कीअवतरण स्थान
82आयत

अनुवाद — साद 82

सूरा साद आयत 82 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : उनमें से तेरे ख़ालिस बन्दों के सिवा सब के सब…

सूरा आयत 82/88 — सूरा साद ص (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा साद सुनें, सूरा साद अनुवाद, सूरा साद mp3, सूरा साद pdf. आयत 80–84. हिंदी अर्थ: اردو.





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Thursday, October 1, 2026

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