Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- رِئَاءَ النَّاسِ: लोगों को दिखाने के लिए, दिखावे के लिए।
- قَرِينًا: साथी, मित्र, साथ रहने वाला।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला ने उन लोगों के लिए भी अपमानजनक यातना तैयार की है जो अपने माल को केवल लोगों को दिखाने और उनकी प्रशंसा पाने के लिए खर्च करते हैं, और वे अल्लाह पर तथा आख़िरत के दिन पर ईमान नहीं रखते। उनका यह कार्य पूर्णतः शैतानी प्रेरणा से है, क्योंकि शैतान ही उन्हें दिखावे, कंजूसी और हर बुराई की ओर ले जाता है। जिस व्यक्ति का साथी शैतान हो, वह कितना बुरा साथी है! वह उसे सीधे मार्ग से भटकाकर विनाश की ओर ले जाता है। यह आयत उन मुशरिकों के बारे में उतरी जो नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) की शत्रुता पर एकजुट थे और अपने धन को इसी उद्देश्य से खर्च करते थे।
फ़ायदे (शिक्षाएँ):
- दिखावे के लिए खर्च करना अल्लाह के यहाँ बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है, बल्कि यह एक गंभीर पाप है जो व्यक्ति को अल्लाह की यातना का पात्र बनाता है।
- ईमान और नेक कार्य आपस में जुड़े हुए हैं; बिना ईमान के कोई भी अच्छा काम अल्लाह के यहाँ क़बूल नहीं होता।
- शैतान व्यक्ति का सबसे बुरा साथी है, जो उसे दुनिया और आख़िरत दोनों में नुक़सान पहुँचाता है। मुसलमान को चाहिए कि वह शैतान की पैरवी से बचे और अल्लाह की राह में खर्च करते समय सिर्फ उसी की रज़ा का इरादा रखे।
- यह आयत मुसलमानों को सिखाती है कि अपने अच्छे कार्यों को शुद्ध नीयत से करें, ताकि वे अल्लाह के यहाँ पुरस्कृत हों और शैतान के साथी बनने से बचें।
📜 आयत 36-40 — सूरा अन-निसा
अनुवाद — अन-निसा 38
सूरा अन-निसा आयत 38 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जो लोग महज़ लोगों को दिखाने के वास्ते अपने…सूरा आयत 38/176 — सूरा अन-निसा النساء (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अन-निसा सुनें, सूरा अन-निसा अनुवाद, सूरा अन-निसा mp3, सूरा अन-निसा pdf. आयत 36–40. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
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