Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- كَذَٰلِكِ: इसी प्रकार, ऐसे ही।
- قَالَ رَبُّكِ: आपके रब ने (यह) कहा है।
- الْحَكِيمُ: अत्यंत तत्वदर्शी, जो हर काम में पूर्ण ज्ञान और दूरदर्शिता से काम करता है।
- الْعَلِيمُ: सब कुछ जानने वाला, जिसके ज्ञान से कोई चीज़ छिपी नहीं है।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम की पत्नी (हज़रत सारा) ने इस खुशख़बरी पर हैरानी ज़ाहिर की कि मैं बूढ़ी हूँ और मेरे शौहर भी बूढ़े हैं, तो फ़रिश्तों ने उन्हें समझाया और कहा: "यह कोई हमारी अपनी बात नहीं है, बल्कि यह वही बात है जो आपके रब ने कही है।" यानी यह खुशख़बरी अल्लाह की तरफ़ से है, और जो अल्लाह कहता है वह ज़रूर पूरा होकर रहता है।
अल्लाह तआला الحَكِيمُ (बड़ा तत्वदर्शी) है — वह हर काम हिकमत से करता है, हर बात अपनी जगह पर रखता है। उसकी कोई बात बेमतलब या अकारण नहीं होती। और वह العليم (सब कुछ जानने वाला) है — उसे मालूम है कि उसके बंदों के लिए किस वक़्त क्या मुनासिब है, कौन सी नेमत कब देनी है।
इस आयत में हमारे लिए बड़ी सीख है कि अल्लाह के वादे पर पूरा भरोसा रखना चाहिए। जब अल्लाह किसी बात का वादा कर देता है, तो उसके पूरा होने में कोई शक नहीं। इंसान की उम्र, हालात या ज़रूरतें अल्लाह की ताक़त के आगे कोई रुकावट नहीं बन सकतीं। अल्लाह जब चाहता है, किसी भी तरह से अपना वादा पूरा कर देता है।
यह आयत हमें यह भी सिखाती है कि अल्लाह की हर बात और हर फ़ैसले में हिकमत (समझदारी) होती है, चाहे हमें वह समझ आए या न आए। हमें उसके फ़ैसलों पर राज़ी रहना चाहिए और उसकी तरफ़ से आने वाली हर ख़बर को सच मानना चाहिए।
अल्लाह तआला अपने बंदों पर बहुत मेहरबान है — वह बूढ़ी और निःसंतान स्त्री को भी संतान की खुशख़बरी दे सकता है, क्योंकि उसकी कुदरत की कोई हद नहीं। हमें चाहिए कि हम अल्लाह से हमेशा उम्मीद रखें, उसकी रहमत से कभी निराश न हों, और उसके वादों पर पक्का यक़ीन करें। यही सच्चे मोमिन की पहचान है कि वह अल्लाह की बात पर पूरा भरोसा करे और उसके हुक्म के आगे सर झुका दे।
📜 आयत 28-32 — सूरा अज़-ज़ारियात
अनुवाद — अज़-ज़ारियात 30
सूरा अज़-ज़ारियात आयत 30 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : लड़का क्यों कर होगा फ़रिश्ते बोले तुम्हारे परवरदिगार ने यूँ…सूरा आयत 30/60 — सूरा अज़-ज़ारियात الذاريات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अज़-ज़ारियात सुनें, सूरा अज़-ज़ारियात अनुवाद, सूरा अज़-ज़ारियात mp3, सूरा अज़-ज़ारियात pdf. आयत 28–32. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अज़-ज़ारियात
पवित्र क़ुरआन
Saturday, October 3, 2026
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