अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- कैद (كيد): चालाकी, धोखा, साज़िश या चतुराई से किया गया उपाय।
- ला युगनी (لَا يُغْنِي): कुछ भी काम न आना, कोई लाभ न देना, किसी चीज़ को टालने में सक्षम न होना।
- युन्सरून (يُنصَرُونَ): मदद दिए जाना, सहायता प्राप्त करना, बचाया जाना।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उस भयानक दिन (क़ियामत) का वर्णन कर रही है, जब काफ़िरों और मुजरिमों की सारी चालाकियाँ, साज़िशें और धोखे बिल्कुल बेकार साबित होंगी। वे जो योजनाएँ दुनिया में बनाते थे, जो जाल बिछाते थे, जिन हथियारों से वे सच्चाई को दबाने की कोशिश करते थे — उनमें से कोई भी चीज़ उस दिन उन्हें अल्लाह के अज़ाब से नहीं बचा सकेगी। न उनकी ताक़त काम आएगी, न उनकी तदबीरें, न उनके साथी, न उनके मददगार।
उस दिन न तो कोई उन्हें अल्लाह की पकड़ से छुड़ाने के लिए आगे आएगा, और न ही कोई ऐसा शक्तिशाली सहारा होगा जो उन्हें अल्लाह के अज़ाब से बचा सके। उनके सारे ज़रिए — चाहे वे दुनियावी ताक़त हों, चाहे उनके बनाए हुए झूठे माबूद हों, चाहे उनकी आपसी मदद ही क्यों न हो — सब कुछ नाकाम हो जाएगा। यह उन लोगों के लिए सबसे बड़ी रुसवाई और निहायती बेबसी का दिन होगा।
दावती पहलू (नसीहत और तरग़ीब):
यह आयत हमें एक बहुत बड़ी हक़ीक़त की याद दिलाती है कि दुनिया की ताक़त, चालाकी और साज़िशें — चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हों — अल्लाह के सामने बिल्कुल हीच हैं। इंसान जब तक अल्लाह की पकड़ से बचने के लिए दुनियावी ज़रियों पर भरोसा करता है, वह सख़्त ग़लती पर है।
लेकिन इसी के साथ यह आयत मोमिनों के लिए एक खुशख़बरी भी है कि जो लोग अल्लाह पर भरोसा करते हैं, उन्हें अल्लाह ख़ुद मदद देता है। जो लोग सच्चाई पर चलते हैं, उन्हें अल्लाह की तरफ़ से नुसरत (मदद) ज़रूर पहुँचती है — दुनिया में भी और आख़िरत में भी।
तो आओ, हम अपनी ताक़त और तदबीरों पर भरोसा करने के बजाय अल्लाह पर भरोसा करें, उसकी इबादत को अपनी ज़िंदगी का मरकज़ बनाएँ, और उस दिन के लिए तैयारी करें जब कोई चालाकी और कोई मदद काम नहीं आएगी — सिवाय अल्लाह की रहमत और उसकी मग़फ़िरत के। यही सबसे बड़ी कामयाबी है, और यही सच्ची नजात (मुक्ति) का रास्ता है।
📜 आयत 44-48 — अत-तूर
अनुवाद — अत-तूर 46
सूरा अत-तूर आयत 46 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : इनके सामने आ जाए जिस दिन न इनकी मक्कारी ही…सूरा आयत 46/49 — अत-तूर الطور (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अत-तूर सुनें, अत-तूर अनुवाद, अत-तूर mp3, अत-तूर pdf. आयत 44–48. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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