अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- مَا كَذَبَ – झूठ नहीं बोला, धोखा नहीं दिया।
- الْفُؤَادُ – दिल (यहाँ अर्थ है: नबी ﷺ का दिल)।
- مَا رَأَى – जो (उन्होंने) देखा।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला अपने नबी मुहम्मद ﷺ की सच्चाई और उनके दिल के विश्वास को बयान कर रहे हैं। जब नबी ﷺ को मेराज (आसमान की यात्रा) में अल्लाह की बड़ी-बड़ी निशानियाँ दिखाई गईं, और उन्होंने जिब्रील अमीन को उनके असली रूप में देखा, तो उनके दिल ने उस दृश्य को पूरी तरह सच माना और उसमें कोई संदेह या झूठ नहीं मिलाया। उनकी आँखों ने जो देखा, उनके दिल ने उसे बिल्कुल सच और सही समझा — न कोई कमी की, न कोई बढ़ोतरी की, न कोई झूठ बोला।
यह आयत नबी ﷺ की सिद्दीक़त (सच्चाई) और अमानत (विश्वसनीयता) की गवाही है। यहाँ अल्लाह तआला खुद फरमा रहे हैं कि मुहम्मद ﷺ का दिल और उनकी आँख एक दूसरे के साथ पूरी तरह मुताबिक़त रखते थे — जो देखा, उसे दिल ने बिना किसी शक के कबूल किया। यह उनकी नबुव्वत की सबसे बड़ी दलील है कि वे न तो धोखेबाज़ थे और न ही उन्होंने कभी कोई झूठी बात कही।
दावती पहलू:
यह आयत हमें सिखाती है कि नबी ﷺ की हर बात सच्ची है, क्योंकि अल्लाह ने खुद उनके दिल की गवाही दी है। जब हमारे प्यारे नबी ﷺ ने मेराज की रात जो कुछ देखा और सुनाया, वह सब हक़ और सच है। हमें उनकी हर बात पर बिना किसी संदेह के ईमान लाना चाहिए। यह हमारे लिए नबी ﷺ की मुहब्बत और उनके बताए रास्ते पर चलने की सबसे बड़ी दावत है। जिस दिल में नबी ﷺ की सच्चाई का यक़ीन हो, वह दिल कभी गुमराह नहीं हो सकता। आइए, हम अपने दिलों को नबी ﷺ की सच्चाई पर मज़बूत ईमान के साथ सजाएँ और उनके बताए हुए रास्ते पर चलकर दुनिया और आख़िरत की कामयाबी हासिल करें।
📜 आयत 9-13 — अन-नज्म
अनुवाद — अन-नज्म 11
सूरा अन-नज्म आयत 11 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो जो कुछ उन्होने देखा उनके दिल ने झूठ न…सूरा आयत 11/62 — अन-नज्म النجم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-नज्म सुनें, अन-नज्म अनुवाद, अन-नज्म mp3, अन-नज्म pdf. आयत 9–13. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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