अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فَلَمَّا رَأَوْهَا: जब उन्होंने उसे (अपनी बगीची को) देखा
- قَالُوا: उन्होंने कहा
- إِنَّا لَضَالُّونَ: हम निश्चित रूप से रास्ता भूल गए हैं
विस्तृत व्याख्या:
जब वे लोग सुबह-सुबह अपनी बगीची की ओर निकले, तो उनका इरादा था कि गरीबों और ज़रूरतमंदों को कुछ न दें और सारा फल स्वयं ही काट लें। उन्होंने यह भी नहीं कहा "इंशा अल्लाह" (अगर अल्लाह ने चाहा)। लेकिन अल्लाह तआला की क़ुदरत देखिए कि जब वे वहाँ पहुँचे, तो उन्होंने अपनी बगीची को पूरी तरह जली-भुनी और बर्बाद पाया। यह दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए और वे चकित रह गए।
पहले तो उन्होंने कहा: "हम निश्चित रूप से रास्ता भूल गए हैं।" उन्हें यकीन नहीं हो रहा था कि यह उनकी ही बगीची है। उन्होंने समझा कि शायद वे किसी दूसरी जगह आ गए हैं। लेकिन जब उन्होंने ध्यान से देखा और पहचान लिया कि यह उनकी ही बगीची है, तो उन्हें अपनी गलती का एहसास हुआ।
यह घटना हमारे लिए एक बहुत बड़ी सीख है। अल्लाह तआला अपने बंदों पर कितना मेहरबान है कि वह उन्हें उनकी गलतियों से आगाह करता है। जब हम अल्लाह के दिए हुए रिज़्क़ में से दूसरों का हक़ नहीं देते, तो हमें यह समझना चाहिए कि अल्लाह की पकड़ बहुत सख्त है। लेकिन साथ ही, अल्लाह तआला बहुत क्षमाशील भी है। अगर हम अपनी गलती पर पश्चाताप करें और अल्लाह से माफ़ी माँगें, तो वह हमें माफ कर देता है और हमें और भी बेहतर देता है।
इस क़िस्से से हमें यह भी सीख मिलती है कि हमें हमेशा अल्लाह पर भरोसा रखना चाहिए और अपने हर काम में "इंशा अल्लाह" कहना चाहिए। हमें कभी भी अपने आप को अल्लाह की रहमत से बेखबर नहीं समझना चाहिए। अल्लाह तआला हमें तौफ़ीक़ दे कि हम अपने जीवन में इन सबक़ों पर अमल करें। आमीन।
📜 आयत 24-28 — अल-क़लम
अनुवाद — अल-क़लम 26
सूरा अल-क़लम आयत 26 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फिर जब उसे (जला हुआ सियाह) देखा तो कहने लगे…सूरा आयत 26/52 — अल-क़लम القلم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-क़लम सुनें, अल-क़लम अनुवाद, अल-क़लम mp3, अल-क़लम pdf. आयत 24–28. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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