Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- أُوتِيَ كِتَابَهُ: जिसे उसका (आमाल का) लेखा-जोखा दिया गया।
- بِشِمَالِهِ: उसके बाएँ हाथ में।
- يَا لَيْتَنِي: काश! मैं (ऐसा न होता)।
- لَمْ أُوتَ كِتَابِيَهْ: मुझे मेरी किताब (लेखा-जोखा) न दी गई होती।
तफ़सीर (व्याख्या):
जिस व्यक्ति को उसका आमाल का लेखा-जोखा उसके बाएँ हाथ में दिया जाएगा—और यह उसकी बदबख़्ती और रुसवाई की निशानी होगी—तो वह उस वक़्त अत्यधिक पछतावे और हसरत के साथ चीख़ उठेगा: "काश! मुझे मेरी किताब ही न दी गई होती!" यह उसकी उस हालत का इज़हार होगा जब वह अपने बुरे आमाल को देखेगा और समझ जाएगा कि उसका अंजाम क्या होने वाला है। उसके दिल में सिर्फ़ यही तमन्ना होगी कि काश वह दुनिया में ही मर गया होता और दोबारा ज़िंदा न किया जाता, ताकि उसे यह रुसवाई और अज़ाब न देखना पड़ता। उसका माल, जो उसने दुनिया में जमा किया था, उसके किसी काम न आएगा, और उसकी सारी दलीलें और बहाने बेकार हो जाएँगे, क्योंकि उसके पास कोई हुज्जत न होगी जिससे वह अपने आप को बचा सके।
यह मंज़र उस व्यक्ति के लिए सबसे बड़ी रुसवाई और शर्मिंदगी का लम्हा होगा, जब वह अपने किए पर पछताएगा, लेकिन पछतावा उस वक़्त किसी काम न आएगा। यह उन लोगों के लिए एक सख़्त तनबीह है जो आज दुनिया में आमाल की परवाह नहीं करते और आख़िरत को भूल जाते हैं।
दावती पहलू:
यह आयत हमें बताती है कि आज का हर अमल कल हमारे सामने पेश किया जाएगा। जो व्यक्ति आज नेकियों की राह पर चलता है और अल्लाह की इताअत करता है, उसका लेखा उसके दाएँ हाथ में दिया जाएगा और वह खुशी से अपनी किताब पढ़ेगा। लेकिन जो ग़ाफ़िल रहा और गुनाहों में डूबा रहा, उसका अंजाम यही होगा कि वह हसरत और पछतावे के सिवा कुछ हासिल न करेगा। अल्लाह तआला ने हमें दुनिया में मौका दिया है कि हम अपने आमाल सुधार लें, तौबा कर लें, और उस रास्ते पर चलें जो हमें जन्नत तक पहुँचाए। यही सबसे बड़ी कामयाबी है—कि हम उन लोगों में से हों जिनका लेखा दाएँ हाथ में दिया जाए और वे जन्नत की नेअमतों से हमेशा के लिए नवाज़े जाएँ। आइए, हम अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक़ बनाएँ, ताकि उस दिन हमें शर्मिंदगी और पछतावे का सामना न करना पड़े।
📜 आयत 23-27 — सूरा अल-हाक़्का
अनुवाद — अल-हाक़्का 25
सूरा अल-हाक़्का आयत 25 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जिसका नामए आमाल उनके बाएँ हाथ में दिया जाएगा…सूरा आयत 25/52 — सूरा अल-हाक़्का الحاقة (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-हाक़्का सुनें, सूरा अल-हाक़्का अनुवाद, सूरा अल-हाक़्का mp3, सूरा अल-हाक़्का pdf. आयत 23–27. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-हाक़्का
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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