अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- نَعَمْ: हाँ, अवश्य।
- لَمِنَ الْمُقَرَّبِينَ: निश्चित रूप से मेरे निकटस्थ (विशेष दर्जे वालों) में से।
व्याख्या:
जब जादूगरों ने फ़िरऔन से पूछा कि यदि हम मूसा (अलैहिस्सलाम) पर विजय प्राप्त कर लें तो क्या हमें कोई पुरस्कार मिलेगा, तो फ़िरऔन ने उन्हें उत्तर दिया: "हाँ, अवश्य! तुम्हें न केवल भरपूर इनाम और उपहार मिलेगा, बल्कि तुम मेरे विशेष दरबारियों और निकटस्थ लोगों में शामिल कर लिए जाओगे। तुम्हें ऊँचे पद और प्रतिष्ठा प्रदान की जाएगी।" फ़िरऔन ने यह वादा इसलिए किया ताकि जादूगर पूरी ताकत और लगन से मूसा (अलैहिस्सलाम) के मुकाबले में उतरें, क्योंकि उसे पूरा भरोसा था कि उसके जादूगर ही विजयी होंगे। यह फ़िरऔन की ओर से एक सांसारिक लालच और धोखा था, जो उसने अपने अधिकार और शक्ति के दम पर दिया।
शिक्षाएँ और लाभ:
- यह आयत बताती है कि सांसारिक शक्ति और धन-दौलत के लालच से लोग सत्य का विरोध करने पर उतारू हो जाते हैं, लेकिन सच्चाई अंततः सामने आकर रहती है।
- फ़िरऔन जैसे ज़ालिम हुक्मरान भी अपने वादों और इनामों से सत्य को नहीं रोक सकते, क्योंकि अल्लाह की मदद सच्चे लोगों के साथ होती है।
- इससे हमें सीख मिलती है कि दुनिया के ऊँचे पद और अस्थायी लाभों के बजाय अल्लाह की रज़ा और उसके दीन की सच्चाई को तरजीह देनी चाहिए, क्योंकि अल्लाह का इनाम ही सबसे बड़ा और स्थायी है।
- यह घटना हमें यह भी सिखाती है कि जब सच्चाई सामने आती है, तो अल्लाह के सच्चे बंदे दुनिया के झूठे वादों को ठुकराकर ईमान की राह चुनते हैं, जैसा कि आगे की आयतों में जादूगरों का ईमान लाना वर्णित है।
📜 आयत 112-116 — अल-आराफ
अनुवाद — अल-आराफ 114
सूरा अल-आराफ आयत 114 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फिरऔन ने कहा (हॉ इनाम ही नहीं) बल्कि फिर तो…सूरा आयत 114/206 — अल-आराफ الأعراف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-आराफ सुनें, अल-आराफ अनुवाद, अल-आराफ mp3, अल-आराफ pdf. आयत 112–116. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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