नूह · 8/28
अनुवाद उच्चारण — नूह
ثُمَّ إِنِّي دَعَوْتُهُمْ جِهَارًا ۝٨
Summa innee da`aw tuhum jihaara
📖 हिंदी अर्थ
फिर मैंने उनको बिल एलान बुलाया फिर उनको ज़ाहिर ब ज़ाहिर समझाया
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • جِهَارًا (जिहारन): खुलेआम, प्रकट रूप से, ऊँची आवाज़ के साथ।

विस्तृत व्याख्या:

हज़रत नूह (अलैहिस्सलाम) अपनी क़ौम को इस्लाह की तरफ़ बुलाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे थे। पहले उन्होंने रात और दिन दोनों समय अपनी क़ौम को दावत दी, लेकिन जब उन्होंने देखा कि लोग दावत से भाग रहे हैं और सुनने से इनकार कर रहे हैं, तो उन्होंने दावत का तरीक़ा बदला। पहले वे चुपके-चुपके, निजी तौर पर लोगों को समझाते थे, लेकिन अब उन्होंने ठान लिया कि मैं अपनी क़ौम को खुलेआम, सरेआम, ऊँची आवाज़ के साथ दावत दूँगा। यह दावत का दूसरा चरण था — पहले आहिस्ता और गुप्त रूप से, फिर खुल्लम-खुल्ला और प्रकट रूप से।

यहाँ से हमें यह सीख मिलती है कि दावत और नसीहत के तरीक़े एक ही नहीं होते। कभी चुपके से, कभी खुले तौर पर; कभी नरमी से, कभी सख्ती से — हालात के हिसाब से तरीक़ा बदलना चाहिए। हज़रत नूह (अलैहिस्सलाम) ने अपनी क़ौम की हिदायत के लिए हर संभव जतन किया। उन्होंने न तो दावत छोड़ी और न ही लोगों की सख्ती से हिम्मत हारी। जब लोगों ने उनकी बात सुनने से कान बंद किए, तो उन्होंने और ऊँची आवाज़ में पुकारा। यही है सच्चे दावत देने वाले का हाल — वह हर हाल में लोगों की भलाई के लिए कोशिश करता रहता है।

यह हमारे लिए भी एक बहुत बड़ा सबक़ है। हमें भी अपने घर, अपने समाज और अपने आस-पास के लोगों को अच्छी बातों की दावत देनी चाहिए। अगर एक तरीक़े से बात न समझे तो दूसरे तरीक़े से समझाना चाहिए। कभी नरमी से, कभी खुले तौर पर, कभी प्यार से — लेकिन दावत का सिलसिला कभी नहीं रुकना चाहिए। अल्लाह तआला अपने नबी की इस दावत को देख रहा था और उनकी मेहनत को क़बूल फ़रमा रहा था। हमें भी यक़ीन रखना चाहिए कि अल्लाह की राह में की गई हर कोशिश बेकार नहीं जाती, चाहे लोग मानें या न मानें।

🎧 सुनें

📜 आयत 6-10 — नूह

6فَلَمْ يَزِدْهُمْ دُعَائِي إِلَّا فِرَارًا
लेकिन वह मेरे बुलाने से और ज्यादा गुरेज़ ही करते रहे
7وَإِنِّي كُلَّمَا دَعَوْتُهُمْ لِتَغْفِرَ لَهُمْ جَعَلُوا أَصَابِعَهُمْ فِي آذَانِهِمْ وَاسْتَغْشَوْا ثِيَابَهُمْ وَأَصَرُّوا وَاسْتَكْبَرُوا اسْتِكْبَارًا
और मैने जब उनको बुलाया कि (ये तौबा करें और) तू उन्हें माफ कर दे तो उन्होने अपने कानों में उंगलियां दे लीं और मुझसे छिपने को कपड़े ओढ़ लिए और अड़ गए और बहुत शिद्दत से अकड़ बैठे
8ثُمَّ إِنِّي دَعَوْتُهُمْ جِهَارًا
फिर मैंने उनको बिल एलान बुलाया फिर उनको ज़ाहिर ब ज़ाहिर समझाया
9ثُمَّ إِنِّي أَعْلَنتُ لَهُمْ وَأَسْرَرْتُ لَهُمْ إِسْرَارًا
और उनकी पोशीदा भी फ़हमाईश की कि मैंने उनसे कहा
10فَقُلْتُ اسْتَغْفِرُوا رَبَّكُمْ إِنَّهُ كَانَ غَفَّارًا
अपने परवरदिगार से मग़फेरत की दुआ माँगो बेशक वह बड़ा बख्शने वाला है
नूहकुरान सूची
28आयत
मक्कीRevelation
8आयत

अनुवाद — नूह 8

सूरा नूह आयत 8 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फिर मैंने उनको बिल एलान बुलाया फिर उनको ज़ाहिर ब…

सूरा आयत 8/28 — नूह نوح (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: नूह सुनें, नूह अनुवाद, नूह mp3, नूह pdf. आयत 6–10. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए