अल-लैल · 13/21
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-लैल
وَإِنَّ لَنَا لَلْآخِرَةَ وَالْأُولَىٰ ۝١٣
Wa inna lanaa lal Aakhirata wal oolaa
📖 हिंदी अर्थ
और आख़ेरत और दुनिया (दोनों) ख़ास हमारी चीज़े हैं

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • لَنَا: हमारे लिए, हमारे अधिकार में।
  • الْآخِرَةَ: आख़िरत (परलोक) का जीवन।
  • الْأُولَىٰ: दुनिया (पहला जीवन)।

तफ़सीर (व्याख्या):

इस आयत में अल्लाह तआला अपनी महानता और क़ुदरत का एलान कर रहे हैं कि आख़िरत और दुनिया दोनों का मालिक और शासक सिर्फ़ वही है। दुनिया की ज़िंदगी और आख़िरत की ज़िंदगी, दोनों उसी के इख़्तियार में हैं। वह जिसे चाहे दुनिया में रिज़्क़ दे, जिसे चाहे उठा ले, और आख़िरत में भी उसी का फ़ैसला होगा — जिसे चाहे जन्नत दे, जिसे चाहे जहन्नम। यह बात सिर्फ़ अल्लाह के लिए है, किसी और के लिए नहीं। इसका मतलब यह भी है कि अल्लाह ने अपने बंदों को दुनिया में आज़माइश के लिए भेजा है, और आख़िरत में उनके अमल का बदला देगा। इसलिए इंसान को चाहिए कि वह दुनिया को आख़िरत पर तरजीह न दे, बल्कि दोनों को अल्लाह की तरफ़ से माने और उसी की राह पर चले। यह आयत मोमिन के दिल में यक़ीन पैदा करती है कि उसका रब हर चीज़ पर क़ादिर है, और उसी की रहमत से दुनिया और आख़िरत की भलाई मिलती है। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपनी दुआओं में अल्लाह से दोनों जहान की भलाई माँगें, जैसा कि क़ुरआन में सिखाया गया है: "हमारे रब! हमें दुनिया में भी भलाई दे और आख़िरत में भी भलाई दे, और हमें आग के अज़ाब से बचा।" यह आयत हमें यह भी सिखाती है कि दुनिया की चीज़ों पर घमंड न करें और न ही आख़िरत से ग़ाफ़िल हों, क्योंकि दोनों का मालिक अल्लाह ही है। जो इंसान इस हक़ीक़त को समझ ले, वह अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक़ ढाल लेता है और दुनिया में भी कामयाब होता है और आख़िरत में भी। यह अल्लाह का फ़ज़ल है कि उसने हमें यह रास्ता दिखाया, और हमें चाहिए कि हम उसका शुक्र अदा करें और उसी की इबादत में अपनी ज़िंदगी गुज़ारें।



📜 आयत 11-15 — सूरा अल-लैल

11وَمَا يُغْنِي عَنْهُ مَالُهُ إِذَا تَرَدَّىٰ
और जब वह हलाक होगा तो उसका माल उसके कुछ भी काम न आएगा
12إِنَّ عَلَيْنَا لَلْهُدَىٰ
हमें राह दिखा देना ज़रूर है
13وَإِنَّ لَنَا لَلْآخِرَةَ وَالْأُولَىٰ
और आख़ेरत और दुनिया (दोनों) ख़ास हमारी चीज़े हैं
14فَأَنذَرْتُكُمْ نَارًا تَلَظَّىٰ
तो हमने तुम्हें भड़कती हुई आग से डरा दिया
15لَا يَصْلَاهَا إِلَّا الْأَشْقَى
उसमें बस वही दाख़िल होगा जो बड़ा बदबख्त है
अल-लैलकुरान सूची
21आयत
मक्कीअवतरण स्थान
13आयत

अनुवाद — अल-लैल 13

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Thursday, October 1, 2026

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