अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- لَنَا: हमारे लिए, हमारे अधिकार में।
- الْآخِرَةَ: आख़िरत (परलोक) का जीवन।
- الْأُولَىٰ: दुनिया (पहला जीवन)।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला अपनी महानता और क़ुदरत का एलान कर रहे हैं कि आख़िरत और दुनिया दोनों का मालिक और शासक सिर्फ़ वही है। दुनिया की ज़िंदगी और आख़िरत की ज़िंदगी, दोनों उसी के इख़्तियार में हैं। वह जिसे चाहे दुनिया में रिज़्क़ दे, जिसे चाहे उठा ले, और आख़िरत में भी उसी का फ़ैसला होगा — जिसे चाहे जन्नत दे, जिसे चाहे जहन्नम। यह बात सिर्फ़ अल्लाह के लिए है, किसी और के लिए नहीं। इसका मतलब यह भी है कि अल्लाह ने अपने बंदों को दुनिया में आज़माइश के लिए भेजा है, और आख़िरत में उनके अमल का बदला देगा। इसलिए इंसान को चाहिए कि वह दुनिया को आख़िरत पर तरजीह न दे, बल्कि दोनों को अल्लाह की तरफ़ से माने और उसी की राह पर चले। यह आयत मोमिन के दिल में यक़ीन पैदा करती है कि उसका रब हर चीज़ पर क़ादिर है, और उसी की रहमत से दुनिया और आख़िरत की भलाई मिलती है। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपनी दुआओं में अल्लाह से दोनों जहान की भलाई माँगें, जैसा कि क़ुरआन में सिखाया गया है: "हमारे रब! हमें दुनिया में भी भलाई दे और आख़िरत में भी भलाई दे, और हमें आग के अज़ाब से बचा।" यह आयत हमें यह भी सिखाती है कि दुनिया की चीज़ों पर घमंड न करें और न ही आख़िरत से ग़ाफ़िल हों, क्योंकि दोनों का मालिक अल्लाह ही है। जो इंसान इस हक़ीक़त को समझ ले, वह अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक़ ढाल लेता है और दुनिया में भी कामयाब होता है और आख़िरत में भी। यह अल्लाह का फ़ज़ल है कि उसने हमें यह रास्ता दिखाया, और हमें चाहिए कि हम उसका शुक्र अदा करें और उसी की इबादत में अपनी ज़िंदगी गुज़ारें।
📜 आयत 11-15 — अल-लैल
अनुवाद — अल-लैल 13
सूरा अल-लैल आयत 13 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और आख़ेरत और दुनिया (दोनों) ख़ास हमारी चीज़े हैंसूरा आयत 13/21 — अल-लैल الليل (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-लैल सुनें, अल-लैल अनुवाद, अल-लैल mp3, अल-लैल pdf. आयत 11–15. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








