Mishary Rashid Alafasy
✓
Mahmoud Khalil Al-Husary
✓
Abdurrahman As-Sudais
✓
Mohamed Siddiq Al-Minshawi
✓
Abdul Basit Abdul Samad
✓
Ali Al-Hudhaify
✓
Ahmed ibn Ali al-Ajamy
✓
Abu Bakr Ash-Shaatree
✓
Muhammad Ayyoub
✓
Abdullah Basfar
✓
Abdullah Al-Juhani
✓
Maher Al Muaiqly
✓
अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- سِيءَ بِهِمْ: उनके आने से वे दुखी हुए, उन्हें बुरा लगा।
- وَضَاقَ بِهِمْ ذَرْعًا: उनके कारण उनका दिल तंग हो गया, वे बहुत चिंतित और परेशान हो गए।
- يَوْمٌ عَصِيبٌ: बहुत कठिन और सख्त दिन।
तफसीर (व्याख्या):
जब हमारे भेजे हुए फ़रिश्ते (जो सुंदर युवकों की शक्ल में थे) हज़रत लूत (अलैहिस्सलाम) के पास पहुँचे, तो उनका आना देखकर वे बहुत दुखी हुए और उनका दिल तंग हो गया। उन्हें यह नहीं मालूम था कि ये अल्लाह के भेजे हुए फ़रिश्ते हैं, बल्कि वे उन्हें साधारण मेहमान समझ रहे थे। उन्हें अपनी क़ौम का डर था, क्योंकि उनकी क़ौम बुराई में लिप्त थी और मेहमानों के साथ बुरा व्यवहार करती थी। उन्होंने सोचा कि अगर इन सुंदर युवकों को मेरी क़ौम ने देख लिया, तो वे इन्हें नुक़सान पहुँचाएँगे और मैं इनकी रक्षा नहीं कर पाऊँगा। इसी चिंता और भय के कारण उन्होंने कहा: "यह बड़ा कठिन दिन है।" उनका यह कहना इसलिए था कि उन्हें यक़ीन था कि उनकी क़ौम उन पर हावी हो जाएगी और वे अपने मेहमानों की रक्षा नहीं कर पाएँगे।
फ़ायदे (सबक):
- इस आयत से हमें पता चलता है कि मेहमानों की इज़्ज़त और उनकी हिफ़ाज़त करना अल्लाह के नबियों की सुन्नत है। हज़रत लूत (अलैहिस्सलाम) ने अपने मेहमानों की रक्षा के लिए इतनी चिंता की कि उनका दिल तंग हो गया।
- एक अच्छे इंसान को चाहिए कि वह बुराई और फ़ाहिशा (अश्लीलता) से नफ़रत करे और उसके फैलने से डरे। हज़रत लूत (अलैहिस्सलाम) को अपनी क़ौम की बुराई से इतनी घृणा थी कि वे उसके बारे में सोचकर ही परेशान हो जाते थे।
- मुसीबत और कठिनाई के समय अल्लाह पर भरोसा रखना चाहिए। हज़रत लूत (अलैहिस्सलाम) ने जब यह कठिन दिन देखा, तो उन्होंने अल्लाह की मदद की उम्मीद नहीं छोड़ी, और अल्लाह ने उन्हें उस मुसीबत से निकाला।
- यह आयत हमें सिखाती है कि एक इंसान को अपने समाज में फैली बुराइयों के प्रति संवेदनशील होना चाहिए और उन्हें रोकने की कोशिश करनी चाहिए, भले ही उसे कितनी ही परेशानी क्यों न उठानी पड़े।
📜 आयत 75-79 — सूरा हूद
अनुवाद — हूद 77
सूरा हूद आयत 77 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जो किसी तरह टल नहीं सकता और जब हमारे भेजे…सूरा आयत 77/123 — सूरा हूद هود (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा हूद सुनें, सूरा हूद अनुवाद, सूरा हूद mp3, सूरा हूद pdf. आयत 75–79. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा हूद
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


