अल-हिज्र · 53/99
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-हिज्र
قَالُوا لَا تَوْجَلْ إِنَّا نُبَشِّرُكَ بِغُلَامٍ عَلِيمٍ ۝٥٣
Qaaloo la tawjal innaa nubashshiruka bighulaamin `aleem
📖 हिंदी अर्थ
उन्होंने कहा आप मुत्तालिक़ ख़ौफ न कीजिए (क्योंकि) हम तो आप को एक (दाना व बीना) फरज़न्द (के पैदाइश) की खुशख़बरी देते हैं

M Mishary Rashid Alafasy ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • لَا تَوْجَلْ: डरो मत, भयभीत मत हो।
  • نُبَشِّرُكَ: हम आपको शुभ सूचना देते हैं।
  • بِغُلَامٍ عَلِيمٍ: एक ज्ञानी (विद्वान) बेटे की।

व्याख्या:

जब अल्लाह के फ़रिश्ते हज़रत इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) के पास आए और उन्होंने उन्हें क़ौम-ए-लूत के विनाश की ख़बर दी, तो हज़रत इब्राहीम को हल्का सा भय हुआ। यह देखकर फ़रिश्तों ने तुरंत उन्हें आश्वस्त किया और कहा: "डरो मत, हम आपके लिए कोई बुराई नहीं लाए हैं। हम आपको एक ऐसे बेटे की शुभ सूचना देने आए हैं जो बचपन से ही ज्ञान और समझ में विशिष्ट होगा, और बड़ा होकर अत्यंत विद्वान, बुद्धिमान और धर्म में गहरी समझ रखने वाला होगा।" यह बेटा हज़रत इशाक़ (अलैहिस्सलाम) थे, जो अल्लाह के नबी बने और उनकी संतान में कई नबी पैदा हुए।

फ़ायदे:

  1. अल्लाह के नेक बंदों को परीक्षा के समय भी अच्छी ख़बर मिलती है, और अल्लाह उनके डर को दूर करके उन्हें सुकून देता है।
  2. संतान की शुभ सूचना देना एक अच्छा काम है, और अच्छी ख़बर सुनाकर लोगों के दिलों में खुशी लाना इस्लामी अख़्लाक़ का हिस्सा है।
  3. अल्लाह की ओर से दी गई शुभ सूचनाएँ सच्ची होती हैं, और अल्लाह अपने वादे को पूरा करता है।
  4. ज्ञान और समझ एक बड़ी नेमत है, और यही वह गुण है जो इंसान को दुनिया और आख़िरत में ऊँचा बनाता है।
  5. यह आयत हमें सिखाती है कि मुसीबत के समय भी अल्लाह पर भरोसा रखना चाहिए, क्योंकि अल्लाह की रहमत उसके अज़ाब से पहले आती है।


📜 आयत 51-55 — सूरा अल-हिज्र

51وَنَبِّئْهُمْ عَن ضَيْفِ إِبْرَاهِيمَ
और उनको इबराहीम के मेहमान का हाल सुना दो
52إِذْ دَخَلُوا عَلَيْهِ فَقَالُوا سَلَامًا قَالَ إِنَّا مِنكُمْ وَجِلُونَ
कि जब ये इबराहीम के पास आए तो (पहले) उन्होंने सलाम किया इबराहीम ने (जवाब सलाम के बाद) कहा हमको तो तुम से डर मालूम होता है
53قَالُوا لَا تَوْجَلْ إِنَّا نُبَشِّرُكَ بِغُلَامٍ عَلِيمٍ
उन्होंने कहा आप मुत्तालिक़ ख़ौफ न कीजिए (क्योंकि) हम तो आप को एक (दाना व बीना) फरज़न्द (के पैदाइश) की खुशख़बरी देते हैं
54قَالَ أَبَشَّرْتُمُونِي عَلَىٰ أَن مَّسَّنِيَ الْكِبَرُ فَبِمَ تُبَشِّرُونَ
इब्राहिम ने कहा क्या मुझे ख़ुशख़बरी (बेटा होने की) देते हो जब मुझे बुढ़ापा छा गया
55قَالُوا بَشَّرْنَاكَ بِالْحَقِّ فَلَا تَكُن مِّنَ الْقَانِطِينَ
तो फिर अब काहे की खुशख़बरी देते हो वह फरिश्ते बोले हमने आप को बिल्कुल ठीक खुशख़बरी दी है तो आप (बारगाह ख़ुदा बन्दी से) ना उम्मीद न हो
अल-हिज्रकुरान सूची
99आयत
मक्कीअवतरण स्थान
53आयत

अनुवाद — अल-हिज्र 53

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Friday, October 2, 2026

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