Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- يَقْنَطُ: निराश होना, आशा छोड़ देना।
- الضَّالُّونَ: पथभ्रष्ट लोग, सत्य मार्ग से भटके हुए।
तफ़सीर:
जब इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) को अल्लाह के फ़रिश्तों द्वारा संतान की शुभ सूचना दी गई, तो उन्होंने आश्चर्य व्यक्त किया क्योंकि वे वृद्धावस्था में थे और उनकी पत्नी भी बूढ़ी थीं। फिर उन्होंने तुरंत यह स्पष्ट किया कि उनका आश्चर्य अल्लाह की क़ुदरत पर संदेह करने के कारण नहीं है, बल्कि यह स्वाभाविक विस्मय है। उन्होंने कहा: "अल्लाह की रहमत से कौन निराश हो सकता है, सिवाय उन लोगों के जो सत्य मार्ग से भटक गए हैं?" अर्थात्, अल्लाह की दया और उसकी शक्ति से निराश होना पथभ्रष्टता की निशानी है। एक सच्चा मोमिन कभी अल्लाह की रहमत से मायूस नहीं होता, चाहे परिस्थितियाँ कितनी भी कठिन क्यों न हों। इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) ने यह कहकर यह सिद्ध किया कि वे अल्लाह की रहमत से पूर्ण आशा रखते हैं और उनका आश्चर्य केवल इस बात पर था कि यह शुभ सूचना किस प्रकार पूरी होगी, न कि इस पर संदेह करना।
फ़ायदे:
- अल्लाह की रहमत से निराश होना एक बड़ा पाप है और यह केवल पथभ्रष्ट लोगों की विशेषता है। मोमिन को हमेशा अल्लाह की दया से आशा रखनी चाहिए।
- यह आयत हमें सिखाती है कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी अल्लाह की क़ुदरत और उसकी रहमत पर भरोसा बनाए रखना चाहिए।
- इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) का यह उत्तर हमारे लिए आदर्श है कि जब हमारे सामने कोई असंभव सी बात आए, तो हमें अल्लाह की शक्ति पर विश्वास रखते हुए उसकी रहमत की उम्मीद नहीं छोड़नी चाहिए।
- यह आयत हमें यह भी बताती है कि अल्लाह की रहमत असीमित है और वह अपने बंदों को कभी निराश नहीं करता, बशर्ते वे उसकी ओर सच्चे दिल से रुजू करें।
📜 आयत 54-58 — सूरा अल-हिज्र
अनुवाद — अल-हिज्र 56
सूरा अल-हिज्र आयत 56 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : इबराहीम ने कहा गुमराहों के सिवा और ऐसा कौन है…सूरा आयत 56/99 — सूरा अल-हिज्र الحجر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-हिज्र सुनें, सूरा अल-हिज्र अनुवाद, सूरा अल-हिज्र mp3, सूरा अल-हिज्र pdf. आयत 54–58. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-हिज्र
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
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