अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- كُلُّ ذَٰلِكَ (कुल्लु ज़ालिक): ये सब, जो पहले उल्लेख किया गया।
- سَيِّئُهُ (सय्यिउहु): उसका बुरा पक्ष, यानी इनमें से जो निषिद्ध और बुरे कार्य हैं।
- مَكْرُوهًا (मकरूहन): अप्रिय, घृणित, जिसे अल्लाह पसंद नहीं करता।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला फ़रमाता है कि ये सब काम जिनका ज़िक्र पिछली आयात में किया गया — जैसे माता-पिता के साथ बुरा व्यवहार, हक़ मारना, कंजूसी, फिज़ूलखर्ची, संतान को ग़रीबी के डर से क़त्ल करना, व्यभिचार, अन्याय से किसी की जान लेना, अनाथ के माल के पास जाना, नाप-तोल में कमी करना, बिना ज्ञान के किसी बात का पीछा करना, और ज़मीन में अकड़ कर चलना — इन सब में से जो भी बुरा और निषिद्ध पक्ष है, वह अल्लाह के यहाँ अत्यंत अप्रिय और घृणित है। अल्लाह तआला इन कार्यों को कभी पसंद नहीं करता, बल्कि इनसे नफ़रत करता है और इनके करने वालों पर अपनी नाराज़गी उतारता है। यह एक सामान्य नियम है कि जो भी चीज़ अल्लाह ने मना की है, वह उसकी दृष्टि में बुरी और अप्रिय है, चाहे लोगों को वह कितनी ही अच्छी क्यों न लगे। यह आयत पिछली आयात में वर्णित निषेधों पर एक मुहर की तरह है, जो बताती है कि ये सारे काम अल्लाह की नाराज़गी का कारण हैं।
फ़ायदे (शिक्षाएँ):
- अल्लाह तआला अपने बंदों पर बेहद मेहरबान है कि उसने हर उस काम को साफ़-साफ़ बता दिया जो उसे नापसंद है, ताकि इंसान उनसे बच सके और उसकी रज़ा (खुशी) का रास्ता अपना सके।
- इस आयत से मालूम होता है कि अल्लाह का प्यार और नाराज़गी किसी इंसान की राय पर नहीं, बल्कि उसकी अपनी शरीयत पर निर्भर है। इसलिए हमें अपनी पसंद-नापसंद को अल्लाह और उसके रसूल ﷺ की पसंद-नापसंद के आगे झुका देना चाहिए।
- यह आयत मुसलमान को सिखाती है कि जीवन के हर क्षेत्र में — चाहे वह परिवार हो, समाज हो, या व्यापार — उसे अल्लाह के नियमों का पालन करना चाहिए, क्योंकि अल्लाह ही जानता है कि बंदे के लिए क्या अच्छा है और क्या बुरा।
- इस आयत में एक बड़ी खुशखबरी है कि जो इंसान इन बुराइयों से बचता है, वह अल्लाह की पसंदीदा राह पर चलता है, और जो अल्लाह को पसंद हो, उसकी ज़िंदगी में बरकत होती है और आख़िरत में उसे जन्नत की नेमतें मिलती हैं।
📜 आयत 36-40 — अल-इसरा
अनुवाद — अल-इसरा 38
सूरा अल-इसरा आयत 38 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल) इन सब बातों में से जो बुरी बात…सूरा आयत 38/111 — अल-इसरा الإسراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-इसरा सुनें, अल-इसरा अनुवाद, अल-इसरा mp3, अल-इसरा pdf. आयत 36–40. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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