अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فَاتَّقُوا اللَّهَ: अल्लाह से डरो, उसके आदेशों का पालन करो और उसकी नाराज़गी से बचो।
- وَأَطِيعُونِ: और मेरी आज्ञा का पालन करो (यहाँ नबी हूद अलैहिस्सलाम अपनी क़ौम से कह रहे हैं)।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह के नबी हूद अलैहिस्सलाम ने अपनी क़ौम 'आद' को नेकी, ईमान और अल्लाह की इबादत की ओर बुलाया। उन्होंने अपनी क़ौम को उन नेमतों की याद दिलाई जो अल्लाह ने उन्हें दी थीं—ऊँट, गाय, बकरियाँ, बेटे, बाग़ात और बहती हुई नदियाँ। ये सब अल्लाह की रहमत और एहसान के निशान थे, ताकि वे उसके शुक्रगुज़ार बनें और उसकी इबादत करें।
इस आयत में अल्लाह तआला फ़रमाता है: "तो तुम अल्लाह से डरो और मेरी आज्ञा का पालन करो।" यानी अल्लाह के अज़ाब से डरो, उसके हुक्मों को मानो और उसकी नाफ़रमानी से बचो। यह डर सिर्फ़ दिल का एहसास नहीं होना चाहिए, बल्कि उसका असर आपके अमल पर पड़ना चाहिए—नेकियाँ करो और गुनाहों से दूर रहो। साथ ही, नबी की इताअत (आज्ञा पालन) भी ज़रूरी है, क्योंकि नबी की इताअत दरअसल अल्लाह की इताअत है। नबी हूद अलैहिस्सलाम ने अपनी क़ौम से कहा कि मैं तुम्हें उसी रास्ते की ओर बुला रहा हूँ जो तुम्हारे लिए बेहतरीन है—यानी तौहीद, अल्लाह की इबादत और उसके रसूल की पैरवी।
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह का डर ही वह चीज़ है जो इंसान को गुनाहों से रोकती है और नेकी की तरफ़ ले जाती है। जब इंसान दिल से अल्लाह से डरता है और उसकी रहमत की उम्मीद रखता है, तो उसकी ज़िंदगी में सुधार आता है। और नबी की इताअत का मतलब यह है कि हम क़ुरआन और सुन्नत पर अमल करें, क्योंकि यही अल्लाह की मर्ज़ी का रास्ता है।
दावती पहलू:
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह ने हमें जो नेमतें दी हैं—चाहे वो माल हो, औलाद हो, सेहत हो या रिज़्क़—ये सब उसकी तरफ़ से हैं। हमें चाहिए कि इन नेमतों का शुक्र अदा करें और उन्हें अल्लाह की राह में इस्तेमाल करें। अल्लाह का डर हमारे दिलों में पैदा हो, और हम अपने नबी ﷺ की सुन्नत पर अमल करें। याद रखें, अल्लाह का डर और नबी की इताअत ही हमारी कामयाबी की चाबी है—दुनिया में भी और आख़िरत में भी। अल्लाह तआला हमें अपने डर और अपने रसूल की इताअत की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 129-133 — अश-शुआरा
अनुवाद — अश-शुआरा 131
सूरा अश-शुआरा आयत 131 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो तुम ख़ुदा से डरो और मेरी इताअत करोसूरा आयत 131/227 — अश-शुआरा الشعراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अश-शुआरा सुनें, अश-शुआरा अनुवाद, अश-शुआरा mp3, अश-शुआरा pdf. आयत 129–133. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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