Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- أَجْرٍ (अज्रिन): बदला, पारिश्रमिक, या कोई पारिश्रमिक।
- أَجْرِيَ (अज्रिय): मेरा बदला या मेरा पारिश्रमिक।
- رَبِّ الْعَالَمِينَ (रब्बिल आलमीन): सारे संसारों का पालनहार।
तफ़सीर (व्याख्या):
हज़रत शुऐब अलैहिस्सलाम ने अपनी क़ौम को तौहीद (एकेश्वरवाद) की दावत दी और उन्हें अल्लाह का अज़ाब से डराया। उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया कि वे इस दावत के बदले में अपनी क़ौम से कोई दुनियावी मुआवज़ा या पारिश्रमिक नहीं माँगते। उनका यह ऐलान था कि "मैं तुमसे इस हिदायत और नसीहत के बदले कोई उजरत नहीं माँगता। मेरा बदला तो केवल अल्लाह रब्बुल आलमीन के ज़िम्मे है, जो सारे जहानों का पालनहार है।"
यह बात केवल हज़रत शुऐब की ही नहीं, बल्कि तमाम अंबिया अलैहिमुस्सलाम की आम दावत का उसूल रही है। उन्होंने कभी भी अपनी रिसालत और दावत को किसी दुनियावी मुआवज़े से नहीं जोड़ा। उनका मक़सद सिर्फ अल्लाह की रज़ा और उसकी मख़लूक़ की भलाई थी। यही वजह है कि अल्लाह ने क़ुरआन में उनके इस क़ौल को एक साझा नुक्ते के तौर पर बयान किया है, ताकि हमें यह सिखाया जा सके कि दीन की दावत ख़ालिस अल्लाह के लिए होनी चाहिए, न कि किसी दुनियावी ग़रज़ के लिए।
यह आयत हमें एक बहुत बड़ा सबक देती है: जो लोग अल्लाह के दीन की तरफ बुलाते हैं, उन्हें दुनियावी फायदे की परवाह नहीं होती। उनकी नज़र सिर्फ अल्लाह की रज़ा पर होती है। यही वजह है कि अल्लाह उन्हें दुनिया और आख़िरत दोनों में इज़्ज़त देता है। हमें भी चाहिए कि अपने अमल और दावत को ख़ालिस अल्लाह के लिए बनाएँ, क्योंकि अल्लाह ही सबसे बड़ा देने वाला है और उसका इनाम सबसे बेहतरीन है। जो बंदा अपने काम को सिर्फ अल्लाह के लिए करता है, अल्लाह उसे कभी महरूम नहीं रखता।
📜 आयत 178-182 — सूरा अश-शुआरा
अनुवाद — अश-शुआरा 180
सूरा अश-शुआरा आयत 180 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : मै तो तुमसे इस (तबलीग़े रिसालत) पर कुछ मज़दूरी भी…सूरा आयत 180/227 — सूरा अश-शुआरा الشعراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अश-शुआरा सुनें, सूरा अश-शुआरा अनुवाद, सूरा अश-शुआरा mp3, सूरा अश-शुआरा pdf. आयत 178–182. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अश-शुआरा
पवित्र क़ुरआन
Saturday, October 3, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


