अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- أَزْلَفْنَا: हमने निकट किया या पास ले आए।
- ثَمَّ: वहाँ, उस स्थान पर।
- الْآخَرِينَ: दूसरों को, अर्थात फ़िरऔन और उसकी क़ौम को।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब अल्लाह तआला ने मूसा (अलैहिस्सलाम) को और उनकी क़ौम को समुद्र पार कराकर नजात दी, तो फ़िरऔन और उसकी सेना ने उनका पीछा किया। वे उसी रास्ते पर चल पड़े जो समुद्र में बन गया था। अल्लाह तआला ने फ़रमाया: "और हमने वहाँ दूसरों को (यानी फ़िरऔन और उसके साथियों को) निकट कर दिया।" यानी हमने उन्हें उसी स्थान पर पहुँचा दिया जहाँ समुद्र फटा हुआ था, और उन्हें उसी रास्ते में दाखिल कर दिया, जिससे वे मूसा (अलैहिस्सलाम) का पीछा करते हुए समुद्र के अंदर चले गए। उन्होंने समझा कि रास्ता सुरक्षित है, लेकिन यह अल्लाह की योजना थी कि वे सब वहाँ इकट्ठे हों और फिर समुद्र उन पर बंद हो जाए, ताकि वे डूबकर हलाक हों।
यह अल्लाह तआला का कमाल का इंतज़ाम था—मूसा (अलैहिस्सलाम) और उनकी क़ौम को सलामती के साथ पार कराना और फ़िरऔनियों को उसी रास्ते में ले जाकर ग़रक़ कर देना। यह उन लोगों के लिए एक बड़ी इबरत (नसीहत) है जो अल्लाह के नबियों के खिलाफ़ सरकशी और ज़ुल्म करते हैं। अल्लाह तआला अपने नेक बंदों की हिफ़ाज़त करता है और ज़ालिमों को उनकी सज़ा देता है, चाहे वे कितने भी ताक़तवर क्यों न हों।
इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि अल्लाह तआला पर भरोसा रखें, क्योंकि वही सबसे बड़ा मददगार है। जब मूसा (अलैहिस्सलाम) समुद्र के किनारे खड़े थे और उनके साथी घबरा रहे थे, तो अल्लाह ने समुद्र को चीरकर रास्ता बना दिया। यह अल्लाह की क़ुदरत है कि वह हर मुश्किल से निकलने का रास्ता बनाता है। हमें चाहिए कि हर हाल में अल्लाह पर यक़ीन रखें और उसकी रहमत से कभी मायूस न हों। यह क़िस्सा हमें बताता है कि सच्चाई और ईमान हमेशा बुलंद होता है, और झूठ और ज़ुल्म का अंजाम तबाही है।
📜 आयत 62-66 — अश-शुआरा
अनुवाद — अश-शुआरा 64
सूरा अश-शुआरा आयत 64 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और हमने उसी जगह दूसरे फरीक (फिरऔन के साथी) को…सूरा आयत 64/227 — अश-शुआरा الشعراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अश-शुआरा सुनें, अश-शुआरा अनुवाद, अश-शुआरा mp3, अश-शुआरा pdf. आयत 62–66. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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