अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فَانفَلَقَ: समुद्र फट गया, यानी बीच से अलग हो गया।
- فِرْقٍ: हर एक हिस्सा या टुकड़ा।
- الطَّوْدِ الْعَظِيمِ: बहुत बड़ा पहाड़।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब मूसा (अलैहिस्सलाम) अपनी क़ौम के साथ समुद्र के किनारे पहुँचे और पीछे फ़िरऔन अपनी फ़ौजों के साथ उनका पीछा कर रहा था, तो अल्लाह ने मूसा (अलैहिस्सलाम) की ओर वह़्य (प्रकाशना) भेजी कि अपनी लाठी से समुद्र को मारो। जैसे ही उन्होंने लाठी मारी, अल्लाह की क़ुदरत से समुद्र फट गया और बारह रास्ते बन गए—बनी इसराईल के बारह क़बीलों की तादाद के बराबर। हर रास्ता इस तरह अलग हुआ कि पानी दोनों तरफ़ पहाड़ों की तरह खड़ा हो गया, और हर हिस्सा एक बहुत बड़े पहाड़ जैसा दिखाई दे रहा था। यह कोई साधारण फटना नहीं था, बल्कि पानी के टुकड़े इस तरह जम गए जैसे कोई विशाल पर्वत हो, और उनमें से एक बूँद भी नहीं टपकती थी। यह अल्लाह का एक अज़ीम मोजिज़ा (चमत्कार) था, जो उसकी ताक़त और अपने नबी की सच्चाई का सबूत था।
दावत और नसीहत:
यह वाक़िया हमें सिखाता है कि जब बंदा अल्लाह पर भरोसा करता है और उसके हुक्म की तामील करता है, तो अल्लाह उसके लिए ऐसे रास्ते खोल देता है जिनका तसव्वुर भी नहीं किया जा सकता। मूसा (अलैहिस्सलाम) के पास सिर्फ़ एक लाठी थी, लेकिन अल्लाह के हुक्म से वही लाठी समुद्र को चीरने का ज़रिया बन गई। यह हमारे लिए सबक़ है कि हम अपनी कमज़ोरी की तरफ़ न देखें, बल्कि अल्लाह की क़ुदरत पर यक़ीन रखें। जब हम अल्लाह के दीन की मदद करते हैं, तो अल्लाह हमारी मदद करता है और हमें मुश्किल से निकलने का रास्ता दिखाता है। यही वह ईमान है जो दिल को सुकून देता है और ज़िंदगी की हर मुसीबत में हमारा सहारा बनता है। आओ, हम भी अल्लाह के हुक्मों पर पूरा यक़ीन करें और उसकी रहमत से कभी मायूस न हों।
📜 आयत 61-65 — अश-शुआरा
अनुवाद — अश-शुआरा 63
सूरा अश-शुआरा आयत 63 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : वह फौरन मुझे कोई (मुखलिसी का) रास्ता बता देगा तो…सूरा आयत 63/227 — अश-शुआरा الشعراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अश-शुआरा सुनें, अश-शुआरा अनुवाद, अश-शुआरा mp3, अश-शुआरा pdf. आयत 61–65. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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