अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- وَأَبْصِرْ: (और देख) — यानी आँखें खोलकर देख, प्रतीक्षा कर।
- فَسَوْفَ يُبْصِرُونَ: (तो वे शीघ्र ही देख लेंगे) — यानी वे अपनी आँखों से उस परिणाम को देख लेंगे जो उनके लिए निश्चित किया जा चुका है।
विस्तृत तफ़सीर:
अल्लाह तआला अपने नबी ﷺ को दिलासा देते हुए फ़रमा रहे हैं कि ऐ नबी! तुम इन काफ़िरों से आँखें मत फेरो, बल्कि उन्हें देखते रहो और प्रतीक्षा करो। यह मत समझो कि उनका अत्याचार और उपहास अनुत्तरित रह जाएगा। नहीं! वह दिन दूर नहीं जब यही लोग अपनी आँखों से उस अज़ाब को देख लेंगे जो अल्लाह ने उनके लिए तय किया है। यह एक कठोर धमकी है, लेकिन साथ ही नबी ﷺ के लिए एक बड़ी तसल्ली भी है।
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह पर भरोसा रखने वाला कभी निराश नहीं होता। जब हक़ पर हो और अल्लाह का साथ हो, तो फिर परिणाम की चिंता नहीं करनी चाहिए। अल्लाह की मदद ज़रूर आती है, चाहे वह देर से ही क्यों न आए। यह आयत हर उस मुसलमान के लिए एक पैग़ाम है जो सत्य के मार्ग पर चलते हुए मुश्किलों का सामना करता है — कि धैर्य रखो, आँखें खुली रखो, और यक़ीन रखो कि अल्लाह का फ़ैसला सबसे बेहतर है।
इस आयत में एक और नुक्ता है: जो लोग सत्य का मज़ाक उड़ाते हैं और नबी की नसीहत को ठुकराते हैं, उनके लिए यह चेतावनी है कि वे अपने किए की सज़ा ज़रूर देखेंगे। यह अल्लाह की सुन्नत (क़ानून) है जो कभी नहीं बदलती। इसलिए हर इंसान को चाहिए कि वह अपने रब की ओर लौटे, क्योंकि अल्लाह की पकड़ बहुत सख्त है, लेकिन उसकी रहमत उससे भी बड़ी है। जो आज तौबा कर ले, वही सच्चा कामयाब है।
📜 आयत 177-181 — अस-साफ्फात
अनुवाद — अस-साफ्फात 179
सूरा अस-साफ्फात आयत 179 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और देखते रहो ये लोग तो खुद अनक़रीब ही अपना…सूरा आयत 179/182 — अस-साफ्फात الصافات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अस-साफ्फात सुनें, अस-साफ्फात अनुवाद, अस-साफ्फात mp3, अस-साफ्फात pdf. आयत 177–181. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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