अस-साफ्फात · 179/182
अनुवाद उच्चारण — सूरा अस-साफ्फात
وَأَبْصِرْ فَسَوْفَ يُبْصِرُونَ ۝١٧٩
Wa absir fasawfa yubsiroon
📖 हिंदी अर्थ
और देखते रहो ये लोग तो खुद अनक़रीब ही अपना अन्जाम देख लेगें

M Mishary Rashid Alafasy ✓
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A Abdurrahman As-Sudais ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • وَأَبْصِرْ: (और देख) — यानी आँखें खोलकर देख, प्रतीक्षा कर।
  • فَسَوْفَ يُبْصِرُونَ: (तो वे शीघ्र ही देख लेंगे) — यानी वे अपनी आँखों से उस परिणाम को देख लेंगे जो उनके लिए निश्चित किया जा चुका है।

विस्तृत तफ़सीर:

अल्लाह तआला अपने नबी ﷺ को दिलासा देते हुए फ़रमा रहे हैं कि ऐ नबी! तुम इन काफ़िरों से आँखें मत फेरो, बल्कि उन्हें देखते रहो और प्रतीक्षा करो। यह मत समझो कि उनका अत्याचार और उपहास अनुत्तरित रह जाएगा। नहीं! वह दिन दूर नहीं जब यही लोग अपनी आँखों से उस अज़ाब को देख लेंगे जो अल्लाह ने उनके लिए तय किया है। यह एक कठोर धमकी है, लेकिन साथ ही नबी ﷺ के लिए एक बड़ी तसल्ली भी है।

यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह पर भरोसा रखने वाला कभी निराश नहीं होता। जब हक़ पर हो और अल्लाह का साथ हो, तो फिर परिणाम की चिंता नहीं करनी चाहिए। अल्लाह की मदद ज़रूर आती है, चाहे वह देर से ही क्यों न आए। यह आयत हर उस मुसलमान के लिए एक पैग़ाम है जो सत्य के मार्ग पर चलते हुए मुश्किलों का सामना करता है — कि धैर्य रखो, आँखें खुली रखो, और यक़ीन रखो कि अल्लाह का फ़ैसला सबसे बेहतर है।

इस आयत में एक और नुक्ता है: जो लोग सत्य का मज़ाक उड़ाते हैं और नबी की नसीहत को ठुकराते हैं, उनके लिए यह चेतावनी है कि वे अपने किए की सज़ा ज़रूर देखेंगे। यह अल्लाह की सुन्नत (क़ानून) है जो कभी नहीं बदलती। इसलिए हर इंसान को चाहिए कि वह अपने रब की ओर लौटे, क्योंकि अल्लाह की पकड़ बहुत सख्त है, लेकिन उसकी रहमत उससे भी बड़ी है। जो आज तौबा कर ले, वही सच्चा कामयाब है।



📜 आयत 177-181 — सूरा अस-साफ्फात

177فَإِذَا نَزَلَ بِسَاحَتِهِمْ فَسَاءَ صَبَاحُ الْمُنذَرِينَ
फिर जब (अज़ाब) उनकी अंगनाई में उतर पडेग़ा तो जो लोग डराए जा चुके हैं उनकी भी क्या बुरी सुबह होगी
178وَتَوَلَّ عَنْهُمْ حَتَّىٰ حِينٍ
और उन लोगों से एक ख़ास वक्त तक मुँह फेरे रहो
179وَأَبْصِرْ فَسَوْفَ يُبْصِرُونَ
और देखते रहो ये लोग तो खुद अनक़रीब ही अपना अन्जाम देख लेगें
180سُبْحَانَ رَبِّكَ رَبِّ الْعِزَّةِ عَمَّا يَصِفُونَ
ये लोग जो बातें (खुदा के बारे में) बनाया करते हैं उनसे तुम्हारा परवरदिगार इज्ज़त का मालिक पाक साफ है
181وَسَلَامٌ عَلَى الْمُرْسَلِينَ
और पैग़म्बरों पर (दुरूद) सलाम हो
अस-साफ्फातकुरान सूची
182आयत
मक्कीअवतरण स्थान
179आयत

अनुवाद — अस-साफ्फात 179

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Saturday, October 3, 2026

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