अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فَإِنَّهُمْ – तो वे सब (अनुसरण करने वाले और जिनका अनुसरण किया गया)
- يَوْمَئِذٍ – उस दिन (यानी क़ियामत के दिन)
- فِي الْعَذَابِ – अज़ाब (यातना) में
- مُشْتَرِكُونَ – एक साथ शामिल होंगे, साझेदार होंगे
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उस भयानक दृश्य का चित्रण करती है जो क़ियामत के दिन सामने आएगा, जब सारे पर्दे उठा दिए जाएँगे और हर सच्चाई सामने आ जाएगी। अल्लाह तआला फ़रमाते हैं कि जिन लोगों ने दुनिया में कुफ़्र और गुमराही का रास्ता अपनाया, चाहे वे बड़े सरदार थे जिन्होंने दूसरों को गुमराह किया, या वे आम लोग थे जिन्होंने उनकी पैरवी की — वे सब उस दिन अज़ाब में एक साथ शामिल होंगे। जिस तरह दुनिया में वे गुनाह और कुफ़्र में एक दूसरे के साथी थे, उसी तरह आख़िरत में भी अज़ाब में उनकी साझेदारी होगी। कोई भी अपने साथियों से अलग नहीं होगा, न कोई किसी का बोझ उठाएगा, बल्कि हर एक अपने किए का मज़ा चखेगा।
यह आयत हमें एक बहुत बड़ी हक़ीक़त की तरफ़ इशारा करती है — कि दुनिया में जो रिश्ते और साथियाँ हम बनाते हैं, वे आख़िरत में या तो हमारे लिए रहमत का ज़रिया बनेंगे या अज़ाब का। जो लोग दुनिया में नेकी और हक़ की राह पर एक दूसरे के साथी होंगे, वे जन्नत में भी एक साथ होंगे। और जो लोग गुनाह और गुमराही में एक दूसरे के साथी बने, उनका अंजाम यही है कि वे जहन्नुम के अज़ाब में भी एक साथ होंगे।
इस आयत से हमें यह सबक़ मिलता है कि हमें अपने साथियों और दोस्तों के चुनाव में बहुत सावधानी बरतनी चाहिए। अच्छे साथी हमें जन्नत की राह दिखाएँगे, और बुरे साथी हमें जहन्नुम की तरफ़ ले जाएँगे। यह अल्लाह का इंसाफ़ है कि जो लोग दुनिया में मिलकर गुनाह करते रहे, वे आख़िरत में भी मिलकर सज़ा पाएँगे — ताकि अल्लाह का हर फ़ैसला पूरे इंसाफ़ और हिकमत पर आधारित हो।
याद रखिए, यह दुनिया एक इम्तिहान की जगह है। आज हम जिन लोगों के साथ उठते-बैठते हैं, उन्हीं के साथ हमारा हश्र होगा। अल्लाह तआला हम सबको सच्चे दोस्तों की संगत नसीब करे और हमें उन लोगों में शामिल करे जो हक़ की राह पर एक दूसरे के साथी हैं — आमीन।
📜 आयत 31-35 — अस-साफ्फात
अनुवाद — अस-साफ्फात 33
सूरा अस-साफ्फात आयत 33 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ग़रज़ ये लोग सब के सब उस दिन अज़ाब में…सूरा आयत 33/182 — अस-साफ्फात الصافات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अस-साफ्फात सुनें, अस-साफ्फात अनुवाद, अस-साफ्फात mp3, अस-साफ्फात pdf. आयत 31–35. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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