अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- नुज़ुलन (نُزُلًا): अतिथि के लिए तैयार किया गया भोजन और आतिथ्य-सत्कार।
- शजरतुज़ ज़क़्क़ूम (شَجَرَةُ الزَّقُّومِ): जहन्नम (नरक) का वह पेड़ जो जहन्नम की तलहटी में उगता है, जिसका फल काफ़िरों का भोजन होगा।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला इस आयत में एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रश्न उठा रहे हैं ताकि इंसान अपनी बुद्धि से सोचे और सही रास्ता चुने। वह फ़रमाते हैं: क्या वह सब कुछ जो पहले वर्णित किया गया — यानी जन्नत के नेमतें, वहाँ के सुंदर बाग़, बहती नहरें, स्वादिष्ट भोजन, सुंदर हूरें, और सबसे बड़ी नेमत यानी अल्लाह का दीदार और उसकी रज़ा — क्या यह सब बेहतर है मेहमानों के लिए तैयार किए गए सम्मान और आतिथ्य के रूप में, या फिर वह ज़क़्क़ूम का पेड़ जो नरक के लिए तैयार किया गया है?
यह प्रश्न स्वयं ही उत्तर दे देता है। ज़क़्क़ूम का पेड़ वह घिनौना पेड़ है जो जहन्नम की आग में उगता है, उसका फल ऐसा होगा जैसे शैतानों के सिर — बदसूरत, कड़वा और जलाने वाला। यह उन लोगों का भोजन होगा जिन्होंने दुनिया में अल्लाह की नाफ़रमानी की और उसके रसूलों को झुठलाया। यह भोजन न तो उन्हें तृप्त करेगा, न ही उनकी भूख मिटाएगा, बल्कि उनकी पीड़ा और बढ़ाएगा।
इस आयत में अल्लाह तआला ने इंसान को सोचने की दावत दी है कि वह अपने लिए कौन सा मार्ग चुनता है। क्या वह उस आतिथ्य को पसंद करता है जो अल्लाह ने अपने नेक बंदों के लिए तैयार किया है, या उस यातना को जो विद्रोहियों के लिए है? यह चुनाव पूरी तरह इंसान के अपने हाथ में है।
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह तआला अत्यंत दयालु है और अपने बंदों को सीधे रास्ते पर लाना चाहता है। वह हमें पहले ही सचेत कर रहा है ताकि हम उसके आतिथ्य को चुनें, न कि उस यातना को। आइए हम अपने जीवन को देखें — क्या हम ऐसे काम कर रहे हैं जो हमें उस सुंदर आतिथ्य की ओर ले जाएँ, या ऐसे काम जो हमें ज़क़्क़ूम की ओर ले जा रहे हैं? अल्लाह तआला ने हमें अक़्ल दी है, क़ुरआन दिया है, और रसूल भेजे हैं — अब फ़ैसला हमें करना है। अल्लाह हमें सही रास्ते पर चलने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 60-64 — अस-साफ्फात
अनुवाद — अस-साफ्फात 62
सूरा अस-साफ्फात आयत 62 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : भला मेहमानी के वास्ते ये (सामान) बेहतर है या थोहड़…सूरा आयत 62/182 — अस-साफ्फात الصافات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अस-साफ्फात सुनें, अस-साफ्फात अनुवाद, अस-साफ्फात mp3, अस-साफ्फात pdf. आयत 60–64. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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