अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- لِمِثْلِ هَذَا: ऐसे (इनाम) के समान के लिए
- فَلْيَعْمَلِ الْعَامِلُونَ: तो कर्म करने वालों को कर्म करना चाहिए
तफसीर:
यह आयत उस महान नेमत और स्थायी सुख की ओर संकेत करती है जो अल्लाह ने अपने नेक बंदों के लिए जन्नत में तैयार किया है। अल्लाह तआला फरमाता है कि ऐसे ही इनाम के लिए, ऐसी ही सफलता के लिए, और ऐसे ही स्थायी आनंद के लिए कर्म करने वालों को कर्म करना चाहिए। यानी दुनिया की फानी और अस्थायी चीज़ों के लिए नहीं, बल्कि उस शाश्वत सुख के लिए मेहनत करनी चाहिए जो कभी खत्म नहीं होता।
यह वही "लाभदायक व्यापार" है जिसका ज़िक्र कुरआन में किया गया है—अपने ईमान और अच्छे कर्मों के बदले जन्नत खरीदना। यह वह काम है जिसमें नुकसान का कोई डर नहीं, क्योंकि अल्लाह अपने वादे में कभी खिलाफ नहीं करता।
दुनिया के कामों में इंसान मेहनत करता है, थकता है, लेकिन उसका फल अनिश्चित होता है और मिल भी जाए तो अस्थायी होता है। लेकिन आख़िरत के कामों में की गई मेहनत का फल पक्का है, और वह भी ऐसा फल जिसके सामने दुनिया की सारी दौलतें और सुख-सुविधाएं बौनी हैं। जन्नत की नेमतें ऐसी हैं जिन्हें न किसी आंख ने देखा, न किसी कान ने सुना, और न किसी दिल ने उनका ख्याल किया।
इस आयत में अल्लाह तआला हमें बताना चाहते हैं कि हमारी कोशिशें और हमारे कर्म उसी लक्ष्य के लिए होने चाहिए। जो लोग दुनिया की चमक-दमक और अस्थायी सुखों के पीछे भागते हैं, वे उस चीज़ को खो देते हैं जो हमेशा रहने वाली है। लेकिन जो लोग अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के लिए समर्पित कर देते हैं, वे असली कामयाबी हासिल करते हैं।
याद रखिए, यह दुनिया एक खेल और मनोरंजन है, लेकिन आख़िरत का घर असली ज़िंदगी है। काश लोग इस हकीकत को समझ लें! तो आइए, हम अपने कर्मों को उसी महान लक्ष्य के लिए समर्पित करें, और उस स्थायी सुख की ओर दौड़ें जो अल्लाह ने अपने प्यारे बंदों के लिए तैयार किया है। यही असली कामयाबी है, और यही वह चीज़ है जिसके लिए हमें अपनी पूरी ताकत लगा देनी चाहिए।
📜 आयत 59-63 — अस-साफ्फात
अनुवाद — अस-साफ्फात 61
सूरा अस-साफ्फात आयत 61 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ऐसी (ही कामयाबी) के वास्ते काम करने वालों को कारगुज़ारी…सूरा आयत 61/182 — अस-साफ्फात الصافات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अस-साफ्फात सुनें, अस-साफ्फात अनुवाद, अस-साफ्फात mp3, अस-साफ्फात pdf. आयत 59–63. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








