अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- ضَلَّ: गुमराह हुआ, सत्य पथ से भटक गया।
- أَكْثَرُ الْأَوَّلِينَ: पहले के अधिकतर लोग, अर्थात् पिछली उम्मतें।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! आपके क़ौम (क़ुरैश) से पहले भी अधिकतर पिछली उम्मतें सत्य से भटक चुकी थीं। यह कोई नई बात नहीं कि आपकी क़ौम आपको झुठला रही है और सत्य को अस्वीकार कर रही है। इतिहास गवाह है कि नूह, हूद, सालिह, इब्राहीम, मूसा और अन्य पैग़म्बरों की उम्मतों ने भी अपने-अपने नबियों को झुठलाया और अधिकांश लोगों ने हिदायत को क़बूल नहीं किया। यह सिलसिला आपसे पहले भी चला आ रहा है, इसलिए आप अकेले नहीं हैं जिन्हें झुठलाया गया।
यह आयत हमें सिखाती है कि सत्य का मार्ग हमेशा अल्पसंख्यकों का रहा है, और अधिकतर लोगों का झुकाव दुनिया की चीज़ों और अपनी ख्वाहिशों की तरफ़ रहा है। लेकिन यह भी याद रखें कि अल्लाह ने हमेशा अपने नबियों की मदद की और उन्हें कामयाबी दी, चाहे उनके साथ कितने ही कम लोग क्यों न हों।
दावती पहलू:
यह आयत हमारे लिए एक सबक़ है कि हमें सत्य पर अकेले चलने से नहीं डरना चाहिए। अगर पूरी दुनिया भी गुमराह हो जाए, तो भी हमें हक़ (सत्य) का साथ देना चाहिए। अल्लाह का वादा है कि जो लोग उसके दीन पर साबित क़दम रहते हैं, वह उन्हें दुनिया और आख़िरत दोनों में इज़्ज़त देता है। यह आयत हमें यह भी बताती है कि अगर हमारे आस-पास के लोग सत्य से दूर हैं, तो हमें निराश नहीं होना चाहिए, बल्कि हिदायत की दुआ करते रहना चाहिए और अपने अच्छे अख़लाक़ (आचरण) से लोगों को सत्य की तरफ़ बुलाते रहना चाहिए। अल्लाह ही हिदायत देने वाला है, और उसकी मदद सच्चे लोगों के साथ होती है।
📜 आयत 69-73 — अस-साफ्फात
अनुवाद — अस-साफ्फात 71
सूरा अस-साफ्फात आयत 71 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और उनके क़ब्ल अगलों में से बहुतेरे गुमराह हो चुकेसूरा आयत 71/182 — अस-साफ्फात الصافات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अस-साफ्फात सुनें, अस-साफ्फात अनुवाद, अस-साफ्फात mp3, अस-साफ्फात pdf. आयत 69–73. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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