अस-साफ्फात · 71/182
अनुवाद उच्चारण — अस-साफ्फात
وَلَقَدْ ضَلَّ قَبْلَهُمْ أَكْثَرُ الْأَوَّلِينَ ۝٧١
Wa laqad dalla qablahum aksarul awwaleen
📖 हिंदी अर्थ
और उनके क़ब्ल अगलों में से बहुतेरे गुमराह हो चुके

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • ضَلَّ: गुमराह हुआ, सत्य पथ से भटक गया।
  • أَكْثَرُ الْأَوَّلِينَ: पहले के अधिकतर लोग, अर्थात् पिछली उम्मतें।

तफ़सीर (व्याख्या):

ऐ नबी! आपके क़ौम (क़ुरैश) से पहले भी अधिकतर पिछली उम्मतें सत्य से भटक चुकी थीं। यह कोई नई बात नहीं कि आपकी क़ौम आपको झुठला रही है और सत्य को अस्वीकार कर रही है। इतिहास गवाह है कि नूह, हूद, सालिह, इब्राहीम, मूसा और अन्य पैग़म्बरों की उम्मतों ने भी अपने-अपने नबियों को झुठलाया और अधिकांश लोगों ने हिदायत को क़बूल नहीं किया। यह सिलसिला आपसे पहले भी चला आ रहा है, इसलिए आप अकेले नहीं हैं जिन्हें झुठलाया गया।

यह आयत हमें सिखाती है कि सत्य का मार्ग हमेशा अल्पसंख्यकों का रहा है, और अधिकतर लोगों का झुकाव दुनिया की चीज़ों और अपनी ख्वाहिशों की तरफ़ रहा है। लेकिन यह भी याद रखें कि अल्लाह ने हमेशा अपने नबियों की मदद की और उन्हें कामयाबी दी, चाहे उनके साथ कितने ही कम लोग क्यों न हों।

दावती पहलू:

यह आयत हमारे लिए एक सबक़ है कि हमें सत्य पर अकेले चलने से नहीं डरना चाहिए। अगर पूरी दुनिया भी गुमराह हो जाए, तो भी हमें हक़ (सत्य) का साथ देना चाहिए। अल्लाह का वादा है कि जो लोग उसके दीन पर साबित क़दम रहते हैं, वह उन्हें दुनिया और आख़िरत दोनों में इज़्ज़त देता है। यह आयत हमें यह भी बताती है कि अगर हमारे आस-पास के लोग सत्य से दूर हैं, तो हमें निराश नहीं होना चाहिए, बल्कि हिदायत की दुआ करते रहना चाहिए और अपने अच्छे अख़लाक़ (आचरण) से लोगों को सत्य की तरफ़ बुलाते रहना चाहिए। अल्लाह ही हिदायत देने वाला है, और उसकी मदद सच्चे लोगों के साथ होती है।



📜 आयत 69-73 — अस-साफ्फात

69إِنَّهُمْ أَلْفَوْا آبَاءَهُمْ ضَالِّينَ
उन लोगों ने अपन बाप दादा को गुमराह पाया था
70فَهُمْ عَلَىٰ آثَارِهِمْ يُهْرَعُونَ
ये लोग भी उनके पीछे दौड़े चले जा रहे हैं
71وَلَقَدْ ضَلَّ قَبْلَهُمْ أَكْثَرُ الْأَوَّلِينَ
और उनके क़ब्ल अगलों में से बहुतेरे गुमराह हो चुके
72وَلَقَدْ أَرْسَلْنَا فِيهِم مُّنذِرِينَ
उन लोगों के डराने वाले (पैग़म्बरों) को भेजा था
73فَانظُرْ كَيْفَ كَانَ عَاقِبَةُ الْمُنذَرِينَ
ज़रा देखो तो कि जो लोग डराए जा चुके थे उनका क्या बुरा अन्जाम हुआ
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अनुवाद — अस-साफ्फात 71

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Tuesday, August 18, 2026

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